केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहा, ‘‘कृपया दिल्ली का बजट न रोकें’’

केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहा, ‘‘कृपया दिल्ली का बजट न रोकें’’

केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहा, ‘‘कृपया दिल्ली का बजट न रोकें’’
Modified Date: March 21, 2023 / 12:17 pm IST
Published Date: March 21, 2023 12:17 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, 21 मार्च (भाषा) दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर दिल्ली का बजट नहीं रोकने का अनुरोध किया।

केंद्र सरकार ने दिल्ली विधानसभा में मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2023-24 का बजट पेश करने पर रोक लगा दी है, जिसके बाद केजरीवाल ने यह पत्र लिखा है।

एक समाचार चैनल के कार्यक्रम में केजरीवाल ने सोमवार को केंद्र पर ‘‘सीधे-सीधे गुंडागर्दी’’ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि एक सरकार के बजट पर रोक लगा दी गई है।

‘आप’ ने इसका एक वीडियो सोशल मीडिया मंच ट्विटर पर साझा किया।

केजरीवाल ने सोमवार को दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि पर एक खबर साझा करते हुए ट्विटर पर लिखा, ‘‘ दिल्ली बहुत अच्छा कर रही है, दैनिक आधार पर सभी बाधाओं के बावजूद। कल्पना कीजिए कि अगर इस तरह की बाधाएं न हों और सभी सरकारें लोगों के कल्याण के लिए मिलकर काम करें, तब दिल्ली कई गुना तेजी से विकास करेगी।’’

दिल्ली सरकार के सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केजरीवाल सरकार के बजट पर रोक लगा दी है और इसे मंगलवार को विधानसभा में पेश नहीं किया जाएगा।

केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में कहा, ‘‘पिछले 75 साल में यह पहली बार है जब किसी राज्य का बजट रोक दिया गया है। आप दिल्ली वालों से क्यों खफ़ा हैं? दिल्ली का बजट मत रोकिए। हाथ जोड़कर दिल्लीवासी आपसे बजट को मंजूरी देने की अपील करते हैं।’’

केजरीवाल द्वारा केंद्र की आलोचना किए जाने के बाद गृह मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि मंत्रालय ने ‘आप’ सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है क्योंकि उसके बजट प्रस्ताव में विज्ञापन के लिए अधिक आवंटन है और बुनियादी ढांचे तथा अन्य विकास पहलों के लिए अपेक्षाकृत कम राशि आवंटित की गई है।

मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा, “आप सरकार ने अब तक हमारे सवालों का जवाब नहीं दिया है।”

‘आप’ सरकार के सूत्रों ने आरोपों को झूठ बताया है। उन्होंने दावा किया कि कुल बजट 78,800 करोड़ रुपये का है, जिसमें से 22,000 करोड़ रुपये बुनियादी ढांचे पर खर्च के लिए हैं और सिर्फ 550 करोड़ रुपये विज्ञापनों के लिए निर्धारित किए गए हैं।

भाषा

निहारिका मनीषा

मनीषा


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