‘सिंडिकेट राज’ को लेकर प्रधानमंत्री मोदी का तृणमूल कांग्रेस पर हमला

‘सिंडिकेट राज’ को लेकर प्रधानमंत्री मोदी का तृणमूल कांग्रेस पर हमला

‘सिंडिकेट राज’ को लेकर प्रधानमंत्री मोदी का तृणमूल कांग्रेस पर हमला
Modified Date: April 11, 2026 / 07:47 pm IST
Published Date: April 11, 2026 7:47 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

कुशमंडी (पश्चिम बंगाल), 11 अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर तीखा हमला बोलते हुए उस पर पश्चिम बंगाल को “सिंडिकेट” द्वारा संचालित राज्य में बदलने का आरोप लगाया और भाजपा के सत्ता में आने पर महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों पर कार्रवाई का वादा किया।

बांग्लादेश की सीमा से लगे दक्षिण दिनाजपुर जिले के कुशमंडी में एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने पिछले दिसंबर में अर्जेंटीना के फुटबॉल दिग्गज लियोनेल मेस्सी की कोलकाता यात्रा के दौरान हुई गड़बड़ी का जिक्र करते हुए कहा कि टीएमसी ने “फुटबॉल का खेल भी अपने गिरोहों को सौंप दिया है”।

उन्होंने कहा, “पूरी दुनिया ने उन शर्मनाक तस्वीरों को देखा। टीएमसी ने फुटबॉल को भी अपने सिंडिकेट के हवाले कर दिया है।”

राज्य को अराजकता का पर्याय बताते हुए मोदी ने कहा, “पश्चिम बंगाल में सिंडिकेट ही सरकार है और सरकार ही सिंडिकेट है।”

आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक डॉक्टर के साथ हुए बलात्कार और हत्या का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के लोग, किसी भी फुटबॉल क्लब के प्रति निष्ठा से इतर, विरोध प्रदर्शन में एकजुट हो गए थे।

उन्होंने कहा, “मोहन बागान सुपर जायंट और ईस्ट बंगाल मैदान पर एक-दूसरे से भिड़ते हैं। लेकिन आरजी कर की घटना के बाद दोनों सड़कों पर कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हुए। ठीक उसी तरह, पश्चिम बंगाल को भी एकजुट होकर टीएमसी सरकार को सबक सिखाना होगा।”

प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल से बाहर विस्तार करने के टीएमसी के प्रयासों का भी उपहास उड़ाते हुए दावा किया कि यह प्रयास विचारधारा और सिद्धांतों की कमी के कारण विफल रहा।

उन्होंने दावा किया, “असम, त्रिपुरा या गोवा में कोई भी टीएमसी को वोट नहीं देता क्योंकि उसका कोई सिद्धांत नहीं है। टीएमसी ने अन्य राज्यों में भी हाथ आजमाया है, लेकिन वहां कुछ नहीं कर पाई। बंगाल के बाहर यह चुनाव नहीं जीत सकती क्योंकि न तो इसका कोई इरादा है और न ही कोई नीति।”

मोदी ने दावा किया कि टीएमसी ने “गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार की कला में महारत हासिल कर ली है” और “इसमें पीएचडी कर ली है”।

महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर सत्ताधारी पार्टी को निशाना बनाते हुए मोदी ने वादा किया कि राज्य में भाजपा सरकार पुराने मामलों को फिर से खोलेगी।

उन्होंने कहा, “हम टीएमसी शासन के दौरान महिलाओं के खिलाफ हुए हर अत्याचार की फाइलें फिर से खोलेंगे। हम बलात्कार के हर मामले की फाइलें फिर से खोलेंगे और हर मामले में जवाबदेही सुनिश्चित करेंगे। यह मोदी की गारंटी है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2026 के विधानसभा चुनाव “टीएमसी के डर और भाजपा के भरोसे” के बीच एक मुकाबला होगा।

उन्होंने कहा, “यह लड़ाई भय को पराजित करने और पश्चिम बंगाल को विश्वास के साथ आगे ले जाने की है। टीएमसी की लूट और झूठ की दुकान बंद होने वाली है। पश्चिम बंगाल से भय का अंत होगा और विश्वास का द्वार खुलेगा।”

मोदी ने टीएमसी पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हालिया राज्य दौरे के दौरान उनका अपमान करने का भी आरोप लगाया।

उन्होंने आरोप लगाया, “माननीय राष्ट्रपति का अपमान करके टीएमसी ने महिलाओं, आदिवासियों और देश की जनता का अपमान किया है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा ने “आदिवासी समुदायों को माओवाद के खतरे से मुक्त कराया है”, टीएमसी पर “आदिवासी विरोधी” होने का आरोप लगाया।

उन्होंने खासी आदिवासी आबादी वाले दक्षिणी दिनाजपुर जिले में कहा, “राजबंशी और संथाल समुदायों ने भारत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हमें उनके योगदान पर गर्व है। हमारा प्रयास है कि आदिवासी समाज का तेजी से विकास हो।”

उन्होंने दावा किया कि केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के तहत माओवादी हिंसा से प्रभावित आदिवासी क्षेत्रों में परिवर्तन आया है और कहा, “हमारी सरकार ने आदिवासी समुदायों को माओवाद के खतरे से लगभग मुक्त कर दिया है।”

उन्होंने बताया कि भाजपा ने विभिन्न राज्यों में आदिवासी मुख्यमंत्री और अध्यक्ष पद पर भी लोगों को नियुक्त किया है, और कहा कि यह समुदाय के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने आरोप लगाया, “लेकिन टीएमसी संथाल समुदाय का अपमान करती है। टीएमसी ने कभी आदिवासी विकास नहीं चाहा।”

प्रधानमंत्री ने यह भी दोहराया कि मतुआ और नामासुद्र समुदायों से संबंधित शरणार्थियों को सीएए के तहत नागरिकता प्रदान की जाएगी।

उन्होंने कहा, “दशकों से पीड़ित रहे और यहां शरण लिए हुए लोगों को न्याय मिलेगा। मतुआ और नामासुद्र समुदायों को सीएए के तहत नागरिकता मिलेगी।”

राज्य में विभिन्न पार्टियों के कार्यकाल की तुलना करने का आग्रह करते हुए मोदी ने मतदाताओं से कहा, “आपने वामपंथ को 35 साल दिए। आपने टीएमसी को 15 साल दिए। मोदी को पांच साल दीजिए।”

उन्होंने दावा किया, “जहां भी दोहरे इंजन वाली सरकार होती है, वहां विकास होता है।”

भाषा प्रशांत रंजन

रंजन


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