प्रधानमंत्री मोदी ने डिजिटल मंचों के दुरुपयोग पर चिंता जताई

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प्रधानमंत्री मोदी ने डिजिटल मंचों के दुरुपयोग पर चिंता जताई

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  • Publish Date - June 24, 2026 / 11:08 PM IST,
    Updated On - June 24, 2026 / 11:08 PM IST

नयी दिल्ली, 24 जून (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डिजिटल मंचों के जरिए लोगों से धोखाधड़ी की बढ़ती घटनाओं पर बुधवार को चिंता व्यक्त की और कहा कि ऐसे मामलों में सभी संबंधित एजेंसियों को समन्वित, संवेदनशील और समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करनी चाहिए।

मोदी ने ये टिप्पणियां साइबर अपराध और ‘डिजिटल अरेस्ट’ के जरिए होने वाली धोखाधड़ी से जुड़ी शिकायतों की समीक्षा के दौरान कीं।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, उन्होंने चार राज्यों में सड़क, बिजली, औद्योगिक गलियारे और मेट्रो रेल क्षेत्रों से जुड़ी करीब 30,000 करोड़ रुपये की लागत वाली चार महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की भी समीक्षा की।

प्रधानमंत्री ने यह समीक्षा ‘प्रगति’ की 52वीं बैठक में की। प्रगति एक सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) आधारित बहु-आयामी मंच है, जिसका उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों को एक साथ जोड़कर सक्रिय शासन व योजनाओं को समय पर लागू करना है।

साइबर अपराध और डिजिटल अरेस्ट से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए मोदी ने कहा कि लोगों को एक विभाग या एजेंसी से दूसरे विभाग के चक्कर काटने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट जिम्मेदारी, त्वरित प्रतिक्रिया, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, बैंकों व डिजिटल मंचों के बीच बेहतर समन्वय और बड़े पैमाने पर जन जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि साइबर धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में वित्तीय नुकसान को रोकने और जनता का भरोसा बहाल करने के लिए समय पर की गई कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण है।

प्रधानमंत्री ने सभी हितधारकों से रोकथाम, जानकारी प्रदान करने, जांच और शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने के लिए आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्यों को साइबर धोखाधड़ी के मामलों में तेजी से मामला दर्ज करने और त्वरित कार्रवाई के लिए ‘ई-जीरो एफआईआर’ तंत्र को सक्षम बनाने की दिशा में काम करना चाहिए।

बयान के अनुसार, आर्थिक विकास, क्षेत्रीय संपर्क, औद्योगिक विकास और जन कल्याण के लिए महत्वपूर्ण इन बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा समय-सीमा, अंतर-एजेंसी समन्वय, मुद्दों के समाधान और समय पर काम पूरा करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए की गई।

प्रधानमंत्री मोदी ने रेखांकित किया कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में देरी से न केवल लागत बढ़ती है, बल्कि जनता और उद्योग भी समय पर मिलने वाले लाभों से वंचित रह जाते हैं।

उन्होंने संबंधित मंत्रालयों और राज्य सरकारों से लंबित मुद्दों को युद्ध स्तर पर हल करने और उच्चतम स्तर पर इसकी करीबी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।

प्रधानमंत्री ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के कुशल नियोजन और समय पर कार्यान्वयन के लिए ‘पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान’ के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने पोर्टल पर परियोजना के विवरण, जन-सुविधाओं, बुनियादी ढांचे से जुड़ी विभिन्न कड़ियों, मंजूरियों और अन्य जमीनी स्तर की सूचनाओं को नियमित और समय पर अद्यतन करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

मोदी ने कहा कि इस मंच पर जमीन की नवीनतम स्थिति दिखाई देनी चाहिए ताकि बाधाओं की पहले से पहचान की जा सके, अंतर-एजेंसी समन्वय में सुधार हो और विश्वसनीय एवं वास्तविक समय के आंकड़ों के आधार पर निर्णय लिए जा सकें।

प्रधानमंत्री ने ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ की भी समीक्षा की और कृत्रिम मेधा (एआई) सहित नवीनतम डिजिटल तकनीकों का लाभ उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने जागरूकता फैलाने, मरीजों की देखभाल और समाज को इस अभियान से जोड़ने के लिए एनसीसी कैडेटों और ‘माय भारत’ के स्वयंसेवकों की एक टीम बनाने का सुझाव दिया।

भाषा सुमित जोहेब

जोहेब