PM Modi on Oil Crisis: बड़े-बड़े देश ईंधन संकट में फंसे, लेकिन भारत कैसे बचा? पीएम मोदी ने बताई पूरी रणनीति

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PM Modi on Oil Crisis: बड़े-बड़े देश ईंधन संकट में फंसे, लेकिन भारत कैसे बचा? पीएम मोदी ने बताई पूरी रणनीति

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  • Publish Date - July 4, 2026 / 03:31 PM IST,
    Updated On - July 4, 2026 / 03:33 PM IST

PM Modi on Oil CrisisPhoto Creadit: Social Media

HIGHLIGHTS
  • पश्चिम एशिया युद्ध के दौरान भारत ने 40 से अधिक देशों से तेल आयात कर सप्लाई सुनिश्चित की
  • सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी घटाकर आम जनता को राहत दी
  • पीएम मोदी ने कहा कि सही रणनीति और मजबूत विदेश नीति के कारण भारत में ईंधन संकट नहीं आने दिया गया

PM Modi on Oil Crisis: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राजस्थान के जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। इसके साथ ही राजस्थान को कई नए प्रोजेक्ट्स की सौगात दी। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में हुए युद्ध का असर भारत समेत कई देशों में देखने को मिला। इस युद्ध की वजह से आज बड़े-बड़े देश ईंधन की कमी से जूझ रहे हैं, लेकिन भारत ने हर स्तर पर सही फैसले लेते हुए संकट का समय रहते सही आकलन किया और प्रभावी रणनीति बनाई। संसाधनों का संतुलित प्रयोग किया। तब जाकर भारत इस संकट से उबर पाया।

पीएम मोदी ने कहा कि कहा कि भारत ने समय रहते सही रणनीति अपनाकर इस संकट का प्रभावी ढंग से सामना किया और देश में ईंधन की कोई बड़ी किल्लत नहीं होने दी। पीएम ने कहा कि कई इलाकों में ईंधन की सप्लाई की थोड़ी समस्या हुई, लेकिन कहीं कोई किल्लत पैदा नहीं होने दी गई। पीएम ने कहा कि अप्रैल से जून के बीच ही तेल कंपनियों को डीजल और पेट्रोल में करीब 75000 करोड़ रुपये का नुक्सान उठाना पड़ा था। इतनी रकम में एक नई रिफाइनरी बन जाए, लेकिन इस घाटे को पूरा करने के लिए हमने प्रति लीटर 10 रुपये की एक्साइज ड्यूटी भी कम की। जिससे आम जनता पर बहुत ज्यादा बोझ नहीं पड़े।

हमारे लिए राष्ट्र हित और राष्ट्र के नागरिकों का हित सर्वोपरि: PM

PM Modi on Oil Crisis उन्होंने कहा कि युद्ध के इस समय में भारत की दूसरे देशों के साथ जो दोस्ती बहुत काम आई। इस ईंधन संकट के शुरू होने से पहले भारत 25-26 देशों से ही ईंधन का आयात करता था। लेकिन संकट के समय दूसरे देशों के साथ हमारे अच्छे संबंध बहुत काम आए। युद्ध के दौरान ही भारत 40 से ज्यादा देशों से ईंधन मंगाने लगा। भारत ने दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया कि हमारे लिए राष्ट्र हित और राष्ट्र के नागरिकों का हित सर्वोपरि है। नागरिक देवो भव के मंत्र से हमने काम किया।

हमारी सरकार सिर्फ शिलान्यास नहीं करती, दिन रात एक करते हैं: पीएम

PM Modi on Oil Crisis राजस्थान में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि राज्य के विभिन्न स्थानों पर बड़ी संख्या में लोग इस कार्यक्रम से जुड़े। उन सभी को मैं प्रणाम करता हूं। उन्होंने कहा कि इस रण के कण कण ने हमें स्वाभिमान को सर्वोपरि रखने की सीख दी है। देश और व्यक्ति का स्वाभिमान तभी ऊपर रह सकता है, जब वह आत्मनिर्भर हो, दूसरों पर कम से कम निर्भर हो। राजस्थान की धरती से विकसित होने और आत्मनिर्भर होने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। आज का दिन साक्षी है कि भाजपा सरकारें परियोजनाओं को सिर्फ शिलान्यास करके नहीं छोड़ती बल्कि हम उन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए भी दिन रात एक कर देते हैं।

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पीएम मोदी ने ईंधन संकट को लेकर क्या कहा?

प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया युद्ध के बावजूद भारत ने समय पर रणनीति बनाकर देश में ईंधन की कोई बड़ी कमी नहीं होने दी।

भारत ने तेल आयात के लिए कितने देशों से खरीदारी की?

पीएम मोदी के अनुसार, युद्ध के दौरान भारत ने लगभग 25-26 देशों के बजाय 40 से अधिक देशों से तेल आयात किया।

ल और डीजल पर सरकार ने क्या राहत दी?

सरकार ने आम लोगों पर महंगाई का बोझ कम करने के लिए प्रति लीटर 10 रुपये एक्साइज ड्यूटी घटाई।

तेल कंपनियों को कितना नुकसान हुआ?

प्रधानमंत्री के मुताबिक अप्रैल से जून के बीच तेल कंपनियों को लगभग 75,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

सरकार ने आत्मनिर्भरता पर क्या जोर दिया?

पीएम मोदी ने कहा कि देश का स्वाभिमान तभी मजबूत रहता है जब वह अधिकतम आत्मनिर्भर बने और बाहरी निर्भरता कम करे।