प्रधानमंत्री मोदी की इजराइल की दूसरी यात्रा से रणनीतिक संबंधों को और मजबूती मिलने की संभावना

प्रधानमंत्री मोदी की इजराइल की दूसरी यात्रा से रणनीतिक संबंधों को और मजबूती मिलने की संभावना

प्रधानमंत्री मोदी की इजराइल की दूसरी यात्रा से रणनीतिक संबंधों को और मजबूती मिलने की संभावना
Modified Date: February 24, 2026 / 07:00 pm IST
Published Date: February 24, 2026 7:00 pm IST

नयी दिल्ली, 24 फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बुधवार से इजराइल का दो दिवसीय दौरा करेंगे, जिसका उद्देश्य अमेरिका और ईरान के बीच बिगड़ते संबंध सहित पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच, द्विपक्षीय रक्षा और व्यापार सहयोग को प्रगाढ़ करना है।

मोदी के कार्यक्रमों में इजराइल की संसद को संबोधित करना, इजराइली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू के साथ व्यापक वार्ता और राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग से मुलाकात भी शामिल है।

यह जानकारी मिली है कि बृहस्पतिवार को दोनों प्रधानमंत्रियों के प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान समग्र रक्षा और सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देना चर्चा का प्रमुख विषय होगा।

नेतन्याहू बुधवार रात मोदी के लिए निजी रात्रिभोज का आयोजन करेंगे।

यह नौ वर्षों में मोदी की इजराइल की दूसरी यात्रा होगी। जुलाई 2017 में मोदी की इजराइल की पहली यात्रा के दौरान भारत-इजराइल संबंध रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंच गए थे।

नेतन्याहू ने जनवरी 2018 में भारत की यात्रा की थी। भारत और इजराइल विज्ञान और प्रौद्योगिकी, नवाचार, रक्षा और सुरक्षा, व्यापार और निवेश, कृषि, जल और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों के क्षेत्र में मजबूत सहयोग के साथ एक सुदृढ़ रणनीतिक साझेदारी साझा करते हैं।

अपनी वार्ता में, दोनों प्रधानमंत्रियों द्वारा गाजा सहित पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर भी चर्चा किए जाने की संभावना है।

पिछले साल जून में इजराइल-ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद, नेतन्याहू और मोदी ने दो बार फोन पर बात की।

नौ अक्टूबर को मोदी ने नेतन्याहू को फोन किया और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा शांति योजना के तहत हुई प्रगति पर उन्हें बधाई दी।

पिछले कुछ वर्षों में भारत-इजराइल संबंधों में रक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान, साइबर सुरक्षा और नवाचार सहित कई क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव आया है।

रक्षा सहयोग दोनों पक्षों की साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरा है, जिसमें इजराइल भारत को कई सैन्य प्लेटफॉर्म और हथियार प्रणालियां मुहैया करा रहा है।

पिछले साल नवंबर में, भारत के रक्षा सचिव की इजराइल यात्रा के दौरान, रक्षा सहयोग पर एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किये गए थे।

भारत स्वदेशी वायु रक्षा प्रणाली ‘‘सुदर्शन चक्र’’ विकसित करने पर विचार कर रहा है। इस बीच, नयी दिल्ली इजराइल की ‘आयरन डोम’ नामक वायु रक्षा प्रणाली के कुछ तत्वों को शामिल करने की संभावना तलाश रही है, जो मिसाइलों और तोप के गोलों को रोककर नष्ट कर सकती है।

दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंध भी लगातार प्रगति कर रहे हैं।

भाषा सुभाष पवनेश

पवनेश


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