‘आंसू बहाने’ के बजाय महिला आरक्षण सुनिश्चित करें प्रधानमंत्री : वृंदा करात
‘आंसू बहाने’ के बजाय महिला आरक्षण सुनिश्चित करें प्रधानमंत्री : वृंदा करात
नयी दिल्ली, 21 अप्रैल (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की वरिष्ठ नेता वृंदा करात ने मंगलवार को कहा कि महिला आरक्षण के विषय को शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें ‘‘आंसू बहाने’’ के बजाय लोकसभा एवं विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण सुनिश्चित करना चाहिए।
बृंदा ने यह भी कहा कि यदि महिला आरक्षण को परिसीमन से नहीं जोड़ा गया होता तो आज लोकसभा में 180 महिला सदस्य होतीं।
करात ने प्रधानमंत्री को लिखे एक खुले पत्र में कहा, ‘‘हमारे लिए आंसू मत बहाएं, बस काम करिये। बिना शर्त, महिला आरक्षण विधेयक लाएं।’
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन का हवाला दिया और कहा, ‘‘मोदी जी, यह आपके लिए एक ऐसे व्यक्ति का पत्र है, जो ‘दशकों की लंबी लड़ाई’ में सक्रिय भागीदार रही है।’
उनका कहना है कि इस ऐतिहासिक लड़ाई का नेतृत्व महिला संगठनों और पंचायतों की लाखों महिलाओं ने किया।
करात ने कहा, ‘यह हजारों-हजारों प्रदर्शनों, रैलियों, विरोध प्रदर्शनों, धरनों, याचिकाओं के माध्यम से हुआ।’
उन्होंने कहा, ‘नहीं मोदी जी, संघर्ष के इन सभी वर्षों में, हमें कभी भी आपसे कोई समर्थन नहीं मिला। आपका दावा सच्चाई से उतना ही दूर है जितना कि गोडसे की विचारधारा गांधी की विचारधारा से थी।’
भाषा हक हक रंजन
रंजन

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