दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात के दौरान पीएमश्री पर चर्चा नहीं हुई: केरलम के मुख्यमंत्री

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दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात के दौरान पीएमश्री पर चर्चा नहीं हुई: केरलम के मुख्यमंत्री

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  • Publish Date - September 9, 2026 / 02:03 PM IST,
    Updated On - September 9, 2026 / 02:03 PM IST

तिरुवनंतपुरम, नौ सितंबर (भाषा) केरलम के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने बुधवार को स्पष्ट किया कि हाल में राष्ट्रीय राजधानी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से हुई उनकी मुलाकात के दौरान पीएमश्री योजना पर कोई चर्चा नहीं हुई थी।

मुख्यमंत्री ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उनके और राहुल गांधी के बीच इस मुद्दे पर चर्चा होने संबंधी खबरें ‘‘हवा में गढ़ी गईं’’, क्योंकि न तो उन्होंने और न ही राहुल गांधी ने सार्वजनिक रूप से यह बताया कि उनकी बातचीत किन विषयों पर हुई।

उन्होंने जोर देकर कहा, ‘‘लेकिन मैं अब स्पष्ट कर दूं कि हमने उस मुद्दे पर चर्चा नहीं की।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या केरलम और लक्षद्वीप के लिए पार्टी महासचिव (प्रभारी) दीपा दासमुंशी ने एक बैठक के दौरान ‘प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया’ (पीएमश्री) योजना लागू न करने की मांग की थी, सतीशन ने कहा, ‘‘ऐसा कुछ नहीं हुआ।’’

उन्होंने कहा कि पीएमश्री का अध्ययन करने के लिए उप-समिति गठित किए जाने के बाद कोई नया निर्णय नहीं लिया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘पिछली सरकार के कार्यकाल में उप-समिति सात महीने तक बैठक भी नहीं कर पाई थी। इस सरकार के तहत उसने बैठकें की हैं। जब कोई निर्णय लिया जाएगा, तो आपको (मीडिया को) इसकी जानकारी दी जाएगी।’’

केंद्र सरकार ने पीएमश्री योजना के तहत चुनिंदा सरकारी स्कूलों को उन्नत कर मॉडल संस्थानों के रूप में विकसित करने की पहल शुरू की है।

पिछली एलडीएफ सरकार ने इस योजना को लागू करने के लिए केंद्र के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। हालांकि, बाद में यूडीएफ और तत्कालीन सत्तारूढ़ वाम गठबंधन के कुछ वर्गों के विरोध के बाद योजना के क्रियान्वयन को रोक दिया गया था।

यूडीएफ सरकार के सत्ता में आने के बाद इस मुद्दे की समीक्षा के लिए एक उप-समिति का गठन किया गया। यूडीएफ सरकार ने स्पष्ट किया कि योजना को लागू करना होगा, क्योंकि पिछली सरकार इसे लागू करने के लिए केंद्र के साथ समझौते पर हस्ताक्षर कर चुकी है।

उसने हालांकि कहा कि योजना किन स्कूलों में लागू की जाएगी और पाठ्यक्रम क्या होगा, इसका फैसला राज्य सरकार करेगी। इसी उद्देश्य से उप-समिति का गठन किया गया है।

भाषा शोभना वैभव

वैभव