पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान जारी
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान जारी
(तस्वीरों के साथ)
कोलकाता, 23 अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच बृहस्पतिवार को 152 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान जारी है।
अधिकारियों ने बताया कि उत्तर में दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी से लेकर दक्षिण में मुर्शिदाबाद, नदिया, बीरभूम और हुगली तक के जिलों में मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की कतारें नजर आईं।
पहले चरण में राज्य की 294 विधानसभा सीटों में से आधे से अधिक सीटों पर मतदान हो रहा है। इसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए शुरुआती बढ़त बनाने का सबसे बड़ा मौका और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के लिए लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी की सबसे बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मतदाताओं, विशेषकर युवाओं और महिलाओं से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की।
मोदी ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव का आज पहला चरण है। मैं सभी नागरिकों से अपील करता हूं कि वे लोकतंत्र के इस पर्व में पूरी ताकत के साथ भाग लें। मैं विशेष रूप से अपने युवा मित्रों और पश्चिम बंगाल की महिलाओं से बड़ी संख्या में मतदान करने का आग्रह करता हूं।’’
निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस चरण में 3.60 करोड़ से अधिक मतदाता मतदान के पात्र हैं, जिनमें लगभग 1.75 करोड़ महिलाएं और 465 ‘थर्ड जेंडर’ मतदाता शामिल हैं।
चुनाव के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की रिकॉर्ड 2,450 टुकड़ियां यानी लगभग 2.5 लाख जवान तैनात किए गए हैं। 8,000 से अधिक मतदान केंद्रों को अति संवेदनशील घोषित किया गया है।
निर्वाचन आयोग ने मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तर दिनाजपुर, कूचबिहार, बीरभूम और पूर्व बर्धमान जिलों को विशेष निगरानी में रखा है।
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने मतदाताओं विशेषकर युवाओं और महिलाओं से मतदान प्रक्रिया में भाग लेने की अपील की।
लोक भवन के ‘एक्स’ हैंडल पर जारी संदेश में रवि ने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान आज जारी है। मैं प्रत्येक मतदाता, खासकर युवाओं और महिलाओं से आग्रह करता हूं कि वे लोकतंत्र के इस सबसे पवित्र पर्व में उत्साहपूर्वक भाग लें और बिना चूके अपने मताधिकार का प्रयोग करें।’’
प्रत्येक वोट के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘हर वोट पवित्र है। इसमें पश्चिम बंगाल का भविष्य तय करने की शक्ति है।’’
पहला चरण राजनीतिक रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें उत्तर बंगाल की सभी 54 सीटें शामिल हैं। यही क्षेत्र 2019 लोकसभा चुनाव में भाजपा के राज्य में उभरने का आधार बना था और 2021 के विधानसभा चुनाव में उसे तृणमूल का प्रमुख प्रतिद्वंद्वी बनाने में मददगार रहा था।
इन 152 सीटों में से 2021 में भाजपा ने 59 सीटें जीती थीं, जबकि तृणमूल ने 93 सीटों पर जीत दर्ज की थी।
भाजपा के लिए उत्तर बंगाल में अपना वर्चस्व बनाए रखना जरूरी है, ताकि वह पूरे राज्य में मुकाबले में बनी रहे। वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल के लिए उत्तर बंगाल में भाजपा को बड़ी जीत से रोकना जरूरी है, ताकि दूसरे चरण से पहले बढ़त का माहौल बनाया जा सके।
यह चरण इसलिए भी खास नजरों में है क्योंकि इससे पहले मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) हुआ था, जिसमें राज्य की मतदाता सूची से करीब 91 लाख नाम हटाए गए।
इस मुद्दे ने चुनावी अभियान को तेजी से ध्रुवीकृत कर दिया है। भाजपा का आरोप है कि इस संशोधन प्रक्रिया में घुसपैठियों और फर्जी मतदाताओं के नाम हटाए गए, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग पर वास्तविक मतदाताओं खासकर अल्पसंख्यकों और प्रवासी मजदूरों को मताधिकार से वंचित करने का आरोप लगाया है।
पहले चरण में कई दिग्गज उम्मीदवार मैदान में हैं। मुख्य उम्मीदवारों में नंदीग्राम से नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी (भाजपा), माथाभांगा से पूर्व केंद्रीय मंत्री निशीथ प्रमाणिक (भाजपा), दिनहाटा से राज्य के मंत्री उदयन गुहा (तृणमूल कांग्रेस), सिलीगुड़ी से गौतम देव (तृणमूल कांग्रेस) और बहरामपुर से अधीर रंजन चौधरी (कांग्रेस) शामिल हैं।
राज्य में दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा और मतगणना चार मई को होगी।
भाषा
गोला वैभव
वैभव

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