नयी दिल्ली, 26 अगस्त (भाषा) मधुमेह बीमारी होने का पता चलने के बाद महिलाओं में मानसिक स्वास्थ्य तथा पुरुषों में हृदय और गुर्दे से जुड़ी समस्याएं होने की संभावना होती है। यह बात एक अध्ययन में कही गई है।
इस अध्ययन में ब्रिटेन के क्वीन मैरी विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ता भी शामिल थे।
अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि महिलाओं और पुरुषों में हृदय, गुर्दे तथा मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं अलग-अलग तरह से होती हैं, लेकिन अध्ययन में अब तक टाइप 2 मधुमेह से पीड़ित लोगों में लिंग और आयु के आधार पर बीमारी के बढ़ने संबंधी चीजों के बारे में नहीं बताया गया है।
‘पीएलओएस मेडिसिन’ पत्रिका में छपी अध्ययन रिपोर्ट में ब्रिटेन के 28,720 ऐसे पुरुषों और महिलाओं के स्वास्थ्य रिकॉर्ड की जांच की गई, जिन्हें 2010 और 2020 के बीच टाइप 2 मधुमेह हुआ था।
बीमारी का पता चलने के बाद के वर्षों में, 39 प्रतिशत लोगों को कम से कम एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या का सामना करना पड़ा। हालांकि, समस्या के बढ़ने का तरीका और समय पुरुषों तथा महिलाओं में अलग-अलग था।
अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि बीमारी का पता चलने के बाद महिलाओं में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं की दर (5.3 प्रतिशत के मुकाबले 8.1 प्रतिशत) ज़्यादा थी, जबकि पुरुषों में हृदय संबंधी (5.3 प्रतिशत के मुकाबले 8.4 प्रतिशत), गुर्दा संबंधी बीमारियों और उच्च रक्तचाप की दर ज़्यादा देखी गई।
भाषा नेत्रपाल नरेश
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