प्रयागराज: टूटी सड़कों के कारण श्रद्धालु हिचकोले खा रहे,श्राद्ध के लिए संगम पहुंचने में परेशानी

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प्रयागराज: टूटी सड़कों के कारण श्रद्धालु हिचकोले खा रहे,श्राद्ध के लिए संगम पहुंचने में परेशानी

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  • Publish Date - September 29, 2026 / 02:58 PM IST,
    Updated On - September 29, 2026 / 02:58 PM IST

प्रयागराज, 29 सितंबर (भाषा) वर्ष 2025 में आयोजित महाकुंभ में रिकॉर्ड 62 करोड़ श्रद्धालुओं का स्वागत करने वाली संगम नगरी में पिछले एक महीने से नजारा बदल गया है और भारी बारिश के बाद उखड़ी सड़कों से गुजर कर श्रद्धालु श्राद्ध कर्म करने संगम तट पर पहुंच रहे हैं।

अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के महामंत्री मधु चकहा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उनके ज्यादातर यजमान महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से हैं और रास्ते की सड़कें उखड़ी हुई होने से उन्हें प्रयागराज जंक्शन से संगम तक पहुंचने में काफी समय लग रहा है।

उन्होंने कहा, “यात्रियों को संगम में तर्पण के पश्चात काशी और फिर गया जाना होता है। लेकिन प्रयागराज में ही उन्हें काफी समय लग जाता है। श्रद्धालु प्रयागराज नगर निगम और सरकार को कोस रहे हैं कि सरकार क्या कर रही है।”

चकहा ने कहा कि श्रद्धालुओं का यह भी कहना है कि महाकुंभ के समय जो प्रयागराज का नजारा था, वह बिल्कुल ही बिगड़ गया है।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय से सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव ने कहा, “केंद्र और राज्य सरकार तो अच्छा काम कर रही है, लेकिन जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी सरकार का बंटाधार करने में लगे हुए हैं। शहर की खस्ताहाल सड़कों, हर जगह धूल उड़ने से परेशान लोगों की इस समस्या पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।”

न्यायमूर्ति यादव ने कहा, “उच्च न्यायालय तो आदेश ही पारित कर सकता है, उसे लागू करना सरकार का काम है।”

वरिष्ठ समाजसेवी मनोज उपाध्याय ने धूलधूसरित हो रहे प्रयागराज शहर की ओर प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है और वह जल्द ही अभियान पूरा कर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपेंगे।

उपाध्याय ने कहा कि जिन सड़कों पर खुदाई का कार्य पूरा कर सड़क को पाट दिया गया है वहां सड़क बनाने में जिला प्रशासन और नगर निगम को क्या दिक्कत है।

कीडगंज थाना अंतर्गत पुराना बैरहना में मुख्य सड़क पर कंठी-माला की दुकान चलाने वाले अजय जायसवाल का कहना है, “सड़क पर फैली मिट्टी और चौराहे पर फैली गिट्टी से सारा दिन धूल उड़कर मेरे दुकान और घर में आती है। पत्नी बच्चों के लिए सांस लेना मुश्किल हो गया है।’’

जनपद न्यायालय में वकालत कर रहे संजीव यादव ने कहा, “यदि समय रहते प्रशासन नहीं जागा तो हम उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करने की तैयारी कर रहे हैं। रोज कचहरी पहुंचते-पहुंचते हमारी काली कोट धूल से गंदी हो जाती है।”

प्रयागराज में गड्ढायुक्त सड़कों की समस्या के बारे में जिला मजिस्ट्रेट मनीष कुमार वर्मा से संपर्क करने का ‘पीटीआई-भाषा’ ने प्रयास किया, लेकिन जिला मजिस्ट्रेट का फोन नहीं उठा।

उल्लेखनीय है कि न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की पीठ ने बीते दिनों भारी बारिश से पूरे शहर में हुए जलभराव को लेकर जिला प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई थी जिसके बाद जिला मजिस्ट्रेट, नगर आयुक्त और मंडलायुक्त ने स्वयं मौके पर जाकर जल निकासी सुनिश्चित किया।

हालांकि, बारिश बंद होने के बाद सड़कों से पानी सूखने के बावजूद सड़कों के गड्ढे भरने का काम शुरू नहीं किया गया है और और हर जगह वाहनों के आवागमन से धूल उड़ रही है।

भाषा राजेंद्र मनीषा संतोष

संतोष