आत्महत्या करने वाले संविदा नर्सिंगकर्मी की गर्भवती पत्नी ने खाया विषाक्त पदार्थ, हालत स्थिर

आत्महत्या करने वाले संविदा नर्सिंगकर्मी की गर्भवती पत्नी ने खाया विषाक्त पदार्थ, हालत स्थिर

आत्महत्या करने वाले संविदा नर्सिंगकर्मी की गर्भवती पत्नी ने खाया विषाक्त पदार्थ, हालत स्थिर
Modified Date: July 7, 2026 / 08:40 pm IST
Published Date: July 7, 2026 8:40 pm IST

जयपुर, सात जुलाई (भाषा) राजस्थान के जयपुर में नौकरी से हटाए गये एक संविदा नर्सिंगकर्मी द्वारा आत्महत्या किये जाने के 25 दिन बाद उसकी दो महीने की गर्भवती पत्नी ने भी सोमवार को कथित रूप से विषाक्त पदार्थ खा लिया। पुलिस ने यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया, महिला की पहचान करिश्मा खरवाल के रूप में हुई है और उसे गंभीर हालत में जयपुर के सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल लाया गया।

पुलिस के मुताबिक, आपातकालीन वार्ड में प्राथमिक उपचार के बाद करिश्मा को आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार, करिश्मा की स्थिति अभी स्थिर है लेकिन गर्भावस्था और विषाक्त पदार्थ के असर को देखते हुए उसकी लगातार निगरानी की जा रही है।

करिश्मा के पति दीपक खरवाल (25) जयपुर के सांगानेरी गेट स्थित महिला अस्पताल में संविदा नर्सिंगकर्मी थे और नौकरी से हटाए जाने के बाद उन्होंने 12 जून को कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी।

परिजनों के अनुसार, पति की मौत के बाद करिश्मा गहरे सदमे में थीं और सोमवार को उसने कथित रूप से विषाक्त पदार्थ खा लिया।

इस बीच, राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस के मुख्य सचेतक एवं विधायक रफीक खान ने एसएमएस अस्पताल पहुंचकर करिश्मा के परिजनों से मुलाकात की।

दोनों नेताओं ने परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।

टीकाराम जूली ने चिकित्सा विभाग के प्रमुख शासन सचिव से भी बात कर करिश्मा के बेहतर इलाज की मांग की।

जूली ने एक बयान में कहा, “सरकार इतनी असंवेदनशील हो गई है कि एक संविदा कर्मचारी की मौत भी उसे नहीं झकझोर पा रही। परिवार का बेटा अब इस दुनिया में नहीं है, उसकी गर्भवती पत्नी जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है, फिर भी सरकार मौन है। यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि पूरे परिवार के साथ क्रूर अन्याय है।”

उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले का तत्काल संज्ञान लेने और शोकाकुल परिवार से किए गए वादों को पूरा करने की मांग की।

भाषा बाकोलिया जितेंद्र

जितेंद्र


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