राष्ट्रपति ने गांधी-नेहरू से लेकर वाजपेयी तक को याद किया, राष्ट्रीय विषयों पर एकजुटता का आह्वान किया

राष्ट्रपति ने गांधी-नेहरू से लेकर वाजपेयी तक को याद किया, राष्ट्रीय विषयों पर एकजुटता का आह्वान किया

राष्ट्रपति ने गांधी-नेहरू से लेकर वाजपेयी तक को याद किया, राष्ट्रीय विषयों पर एकजुटता का आह्वान किया
Modified Date: January 28, 2026 / 01:55 pm IST
Published Date: January 28, 2026 1:55 pm IST

नयी दिल्ली, 28 जनवरी (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में दिए अभिभाषण में महात्मा गांधी और पंडित जवाहरलाल नेहरू से लेकर अटल बिहारी वाजपेयी तक कई महापुरुषों का स्मरण किया तथा सांसदों का आह्वान किया कि वे मतभेद के बावजूद राष्ट्र से जुड़े विषयों पर एकमत रहें।

उन्होंने बजट सत्र के शुरुआत में संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए सत्र के सार्थक होने की शुभकामनाएं भी दीं।

मुर्मू ने कहा, ‘‘विभिन्न मतों, अलग-अलग विचारों के बीच, ये सर्वमान्य है कि राष्ट्र से बड़ा कुछ नहीं। पूज्य महात्मा गांधी, नेहरू जी, बाबा साहेब, सरदार पटेल, जेपी जी, लोहिया जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, अटल जी, सभी इसी विचार के रहे कि लोकतंत्र में विषयों पर मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन कुछ विषय मतभेदों से परे हैं।’’

उनका कहना था कि विकसित भारत का संकल्प, भारत की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता, स्वदेशी का अभियान, एकता के लिए प्रयास, स्वच्छता, राष्ट्र से जुड़े ऐसे विषयों पर, सांसदों को एकमत होना ही चाहिए।

राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘हमारे संविधान की भावना भी यही है। इसलिए मेरा आज आप सभी से आग्रह है, हर सांसद राष्ट्र हित के विषयों पर एकमत होकर, देश की प्रगति का हिस्सा बनकर चर्चा करें, देश की प्रगति में नई ऊर्जा भरें।’’

उन्होंने यह भी कहा, ‘‘आज सभी देशवासी देख रहे हैं कि भारत अपने भविष्य के एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर है। आज जो निर्णय लिये जा रहे हैं, इनका प्रभाव आने वाले वर्षों में दिखाई देगा।’’

उनका कहना था, ‘‘विकसित भारत का लक्ष्य भी किसी एक सरकार या एक पीढ़ी तक सीमित नहीं है। ये एक सतत यात्रा है। इस यात्रा में हम सभी के प्रयास, अनुशासन और निरंतरता का महत्व है। आने वाले समय में देश की प्रगति हमारे सामूहिक संकल्पों से ही होगी।’’

मुर्मू ने उम्मीद जताई कि संसद, सरकार और नागरिक, तीनों मिलकर विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘हम भारतवासी राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए संवैधानिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ेंगे। सभी देशवासी अपने कर्तव्यों का निर्वहन राष्ट्रहित, राष्ट्र कल्याण में करेंगे, इसी विश्वास के साथ मैं सभी सांसदों को एक सफल और सार्थक सत्र के लिए शुभकामनाएं देती हूं।’’

राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘देशवासियों ने श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी पर्व पूरी श्रद्धा से मनाया। भगवान बिरसा मुंडा के 150वें जन्म-जयंती वर्ष के दौरान, देश ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और आदिवासी समाज के योगदान को याद किया।’’

उनका कहना था, ‘‘सरदार पटेल की 150वीं जन्म-जयंती से जुड़े आयोजनों ने एक भारत, श्रेष्ठ भारत के भाव को मजबूती दी। सभी देशवासी इस बात के भी साक्षी बने कि कैसे भारत रत्न भूपेन हज़ारिका की जन्म-शताब्दी के समारोह, सुरों और देश की एकता के भाव से भरे हुए थे।’’

मुर्मू ने कहा, ‘‘जब देशवासी अतीत के ऐसे महान पड़ावों और अपने पूर्वजों के महान योगदान को याद करते हैं, तो नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है। ये प्रेरणा विकसित भारत की ओर हमारी यात्रा को और गति देती है।’’

भाषा हक

हक माधव

माधव


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