‘‘राष्ट्रपति बंगाल चुनावों से पहले भाजपा के इशारे पर बोल रही हैं’’ : ममता

‘‘राष्ट्रपति बंगाल चुनावों से पहले भाजपा के इशारे पर बोल रही हैं’’ : ममता

‘‘राष्ट्रपति बंगाल चुनावों से पहले भाजपा के इशारे पर बोल रही हैं’’ : ममता
Modified Date: March 8, 2026 / 12:36 am IST
Published Date: March 8, 2026 12:36 am IST

कोलकाता, सात मार्च (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में आदिवासियों के विकास की गति पर सवाल उठाने के लिए शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर निशाना साधा और उन पर भाजपा के इशारों पर विधानसभा चुनाव से पहले टिप्पणी करने का आरोप लगाया।

उत्तर बंगाल की यात्रा के दौरान मुर्मू द्वारा की गई टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा राज्य सरकार को बदनाम करने के लिए राष्ट्रपति कार्यालय का दुरुपयोग कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कोलकाता में एक धरना स्थल पर कहा, ‘‘भाजपा इतना नीचे गिर गई है कि वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का इस्तेमाल राज्य को बदनाम करने के लिए कर रही है।’’

उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति के कार्यक्रम में राज्य प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति के बारे में उन्हें दी गई जानकारी गलत थी।

बनर्जी ने कहा कि चुनाव से पहले ऐसे कार्यक्रमों में हमेशा शामिल होना उनके लिए संभव नहीं है।

मुख्यमंत्री ने इस आरोप को भी खारिज कर दिया कि राज्य सरकार ने मुर्मू के कार्यक्रम में प्रतिनिधि नहीं भेजे थे और दावा किया कि राष्ट्रपति को दी गई जानकारी गलत थी।

शाम को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, बनर्जी ने कहा कि राष्ट्रपति सचिवालय को जिला अधिकारियों द्वारा सूचित किया गया था कि आयोजक ठीक तरीके से तैयार नहीं हैं।

उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रपति सचिवालय की टीम ने पांच मार्च को दौरा किया था, उन्हें व्यवस्थाओं की कमी से अवगत कराया गया था, फिर भी कार्यक्रम निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहा।’

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सिलीगुड़ी के महापौर गौतम देब उस कार्यक्रम में मौजूद थे, जो बंगाल सरकार द्वारा आयोजित नहीं किया गया था।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप साल में एक बार आती हैं तो मैं आपका स्वागत कर सकती हूं, लेकिन अगर आप चुनाव के दौरान आती हैं, तो मेरे लिए आपके कार्यक्रमों में शामिल होना संभव नहीं होगा क्योंकि मैं लोगों के अधिकारों के लिए काम कर रही हूं।’’

इससे पहले राष्ट्रपति मुर्मू ने सिलीगुड़ी के पास बिधाननगर में आदिवासियों की एक सभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी को अपनी ‘छोटी बहन’ बताया और हैरानी जताई कि क्या पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री किसी बात को लेकर ‘नाराज’ हैं, क्योंकि उत्तर बंगाल दौरे के दौरान उनका स्वागत करने के लिए न तो मुख्यमंत्री आईं और न ही कोई अन्य मंत्री मौजूद था।

मुर्मू ने आदिवासी समुदाय के वार्षिक कार्यक्रम के आयोजन स्थल को बिधाननगर से गोशाईपुर स्थानांतरित किए जाने पर भी सवाल उठाया, जहां कथित तौर पर उपस्थिति कम रही।

बनर्जी ने कहा कि मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करना और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को दूर करना अभी उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, “मैं लोगों के अधिकारों और एसआईआर पर काम कर रही हूं, ये मेरी प्राथमिकताएं हैं।”

मुख्यमंत्री ने भाजपा शासित राज्यों में आदिवासी कल्याण के क्षेत्र में भाजपा के प्रदर्शन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा, “क्या आपको (राष्ट्रपति मुर्मू) पता है कि भाजपा अपने शासन वाले राज्यों में आदिवासियों के अधिकारों को कैसे छीन रही है?”

मणिपुर में हुई जातीय हिंसा का जिक्र करते हुए बनर्जी ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में आदिवासियों के साथ कैसा व्यवहार किया गया, इस पर सवाल उठाए जाने चाहिए।

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा, “राष्ट्रपति मुर्मू आदिवासियों की बात कर रही हैं, लेकिन जब मणिपुर और भाजपा शासित अन्य राज्यों में आदिवासियों को प्रताड़ित किया जा रहा था, तब आप चुप क्यों थीं?”

भाषा अविनाश तान्या

अविनाश


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