राष्ट्रपति का संसद में अभिभाषण दूरदर्शी और भविष्योन्मुखी: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन

राष्ट्रपति का संसद में अभिभाषण दूरदर्शी और भविष्योन्मुखी: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन

राष्ट्रपति का संसद में अभिभाषण दूरदर्शी और भविष्योन्मुखी: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन
Modified Date: January 28, 2026 / 04:48 pm IST
Published Date: January 28, 2026 4:48 pm IST

नयी दिल्ली, 28 जनवरी (भाषा) उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने बुधवार को संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा दिए गए अभिभाषण को भविष्योन्मुखी और दूरदर्शी बताया।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति मुर्मू के संबोधन में भारत की उल्लेखनीय विकास यात्रा को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया गया है और साथ ही भविष्य के लिए एक आत्मविश्वास से परिपूर्ण रूपरेखा प्रस्तुत की गयी है।

उपराष्ट्रपति ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “राष्ट्रपति का अभिभाषण राष्ट्रीय विकास के पूरे परिदृश्य को समेटे हुए है। यह समावेशी और जन-केंद्रित विकास के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो समाज के हर वर्ग तक पहुंचता है, और एक सशक्त, आत्मनिर्भर तथा समावेशी विकसित भारत के निर्माण की हमारी सामूहिक आकांक्षा को प्रतिबिंबित करता है।”

राष्ट्रपति द्वारा प्रत्येक वर्ष बजट सत्र के पहले दिन संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित किया जाता है।

यदि राष्ट्रपति द्वारा दोनों सदनों के सदस्यों को हिंदी में संबोधित किया जाता है, तो उपराष्ट्रपति, जो राज्यसभा के सभापति भी होते हैं, भाषण के कुछ अंश अंग्रेजी में पढ़ते हैं। यदि राष्ट्रपति दोनों सदनों को अंग्रेजी में संबोधित करें, तो उपराष्ट्रपति भाषण के कुछ अंश हिंदी में पढ़ते हैं।

अभिभाषण में राष्ट्रपति मुर्मू ने सांसदों से ‘विकसित भारत’ के संकल्प को लेकर एकजुट रहने, स्वदेशी और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अभियान चलाने का आह्वान किया और कहा कि ये विषय सभी मतभेदों से परे हैं।

भाषा मनीषा वैभव

वैभव


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