राष्ट्रपति के अभिभाषण में चुनाव वाले राज्यों का विशेष उल्लेख
राष्ट्रपति के अभिभाषण में चुनाव वाले राज्यों का विशेष उल्लेख
नयी दिल्ली, 28 जनवरी (भाषा) संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण में पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों के विकास कार्यों और इनके महापुरुषों का विशेष तौर पर उल्लेख किया गया जहां इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं।
मुर्मू ने अपने लगभग एक घंटे के अभिभाषण की शुरुआत में राष्ट्रगीत का उल्लेख किया और कहा कि इस समय वंदे मातरम् के 150 वर्ष होने पर पूरे देश में समारोह आयोजित हो रहे हैं और सभी देशवासी इस महान प्रेरणा के लिए, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को नमन कर रहे हैं।
अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति ने चट्टोपाध्याय की तरह ही पश्चिम बंगाल से ताल्लुक रखने वाले रवींद्रनाथ टैगोर का भी उल्लेख करते हुए कहा कि गुरुदेव ने कहा था कि आजादी तब तक अधूरी है, जब तक आत्मनिर्भरता का जीवन न जिया जाए।
राष्ट्रपति ने कृषि का महत्व समझाते हुए तमिल संत तिरुवल्लुवर का उल्लेख किया तो यह भी कहा कि केरल के महान संत, श्रीनारायण गुरु कहते थे – शिक्षा से ज्ञान प्राप्त करो और संगठन से शक्तिशाली बनो।
उत्तर पूर्व के राज्यों में विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने असम का एक से अधिक बार जिक्र किया और कहा, ‘‘पूर्वोत्तर में असम श्रीमंत शंकर देव जी जैसी महान विभूतियों की भूमि है। अब वो दिन भी दूर नहीं जब असम में बनी सेमीकंडक्टर चिप, दुनिया भर के इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की लाइफलाइन बनेगी। इस क्षेत्र में कनेक्टिविटी पर भी अभूतपूर्व बल दिया जा रहा है।’’
उन्होंने असम से ताल्लुख रखने वाले प्रख्यात गायक भूपेन हजारिका की भी बात की जिन्हें 2019 में मोदी सरकार ने मरणोपरांत ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया था।
इस साल तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होने हैं।
मुर्मू ने अभिभाषण में राज्यों में हुए विकास कार्यों पर टिप्पणी करते हुए भी इन राज्यों के नाम लिए।
वंदे भारत ट्रेनों का उल्लेख करते हुए मुर्मू ने कहा, ‘‘आज जम्मू-कश्मीर से केरल तक, 150 से ज्यादा वंदे भारत ट्रेनों का नेटवर्क खड़ा हो चुका है। कुछ दिन पूर्व ही वंदे भारत ट्रेनों की नई पीढ़ी का पदार्पण हुआ है। बंगाल से असम के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की शुरुआत, भारत की रेल प्रगति की नई उपलब्धि है।’’
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में नए पंबन ब्रिज का निर्माण कर भारत ने अवसंरचना क्षेत्र में एक कीर्तिमान स्थापित किया है।
मुर्मू ने कहा, ‘‘मेरी सरकार ने इनलैंड वॉटरवेज के विकास पर भी अनेक काम किए हैं। पहले भारत में राष्ट्रीय जलमार्गों की संख्या 5 थी, जो अब 100 से अधिक हो चुकी है। इससे उत्तर प्रदेश, बंगाल, बिहार समेत पूर्वी भारत के राज्य लॉजिस्टिक हब बनकर उभर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि आज पूर्वोदय, यानी पूर्वी भारत के तेज विकास पर विशेष बल दिया जा रहा है। मुर्मू ने कहा आज पश्चिम बंगाल और ओडिशा के समुद्री क्षेत्र में प्रगति की नई संभावनाएं बन रही है और पूर्वोत्तर का क्षेत्र भी अब विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है।
मुर्मू ने कहा कि असम के शिवसागर में मेडिकल कॉलेज बनने से लाखों परिवारों को इलाज में मदद मिलेगी।
भाषा वैभव माधव
माधव

Facebook


