पिछली सरकार ने सीमा सुरक्षा में महिलाओं की भूमिका पर ध्यान नहीं दिया : शाह
पिछली सरकार ने सीमा सुरक्षा में महिलाओं की भूमिका पर ध्यान नहीं दिया : शाह
बीकानेर, 26 मई (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि सरकार सभी क्षेत्रों में महिलाओं की समान भागीदारी और अवसर सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बीकानेर में सीमा चौकी पर बीएसएफ कर्मियों को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि पिछली सरकारों ने सीमा सुरक्षा में महिलाओं की भूमिका और उनके लिए आवश्यक सुविधाओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान देने के मामले में महिला कर्मी पुरुषों से “दो कदम आगे” बढ़ चुकी हैं और 2030 तक सीमा क्षेत्रों में तैनात महिलाओं के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
शाह ने बताया कि राजस्थान में महिला कर्मियों के लिए 79 बैरक स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 67 का निर्माण लगभग 39 करोड़ रुपये की लागत से पूरा हो चुका है।
गृह मंत्री ने सोमवार को 14 बैरक का उद्घाटन किया।
उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) द्वारा संरक्षित सीमावर्ती क्षेत्रों में महिलाओं की तैनाती की स्थिति सुधारने के लिए लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से 356 बैरक बनाए जाएंगे।
शाह ने कहा कि राजस्थान के रेगिस्तान में एक पार्श्व सड़क (लिटरल रोड) का निर्माण शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि 1,096 किलोमीटर लंबी पार्श्व सड़क और 520 किलोमीटर लंबी अक्षीय सड़क (एक्ससीएल) बीएसएफ कर्मियों के लिए बेहतर सुविधाएं और संपर्क प्रदान करेगी।
शाह ने कहा कि नयी डिजाइन की बाड़बंदी पर भी काम चल रहा है और राजस्थान में लगभग 180 सीमा चौकियों तक पाइपलाइन से पेयजल आपूर्ति शुरू कर दी गई है।
शाह ने कहा कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों ने वृक्षारोपण अभियानों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में बड़ा योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के कर्मियों ने लगभग 7.35 करोड़ पेड़ लगाए हैं।
शाह ने कहा, “जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान को देखते हुए वृक्षारोपण लाभकारी सिद्ध होगा।” उन्होंने खेजड़ी का एक पौधा भी लगाया और इसे रेगिस्तानी क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण वृक्ष बताया।
भाषा
बाकोलिया पारुल
पारुल

Facebook


