जयपुर में निजी चिकित्सा सेवाएं बहाल, आरजीएचएस का बहिष्कार जारी

जयपुर में निजी चिकित्सा सेवाएं बहाल, आरजीएचएस का बहिष्कार जारी

जयपुर में निजी चिकित्सा सेवाएं बहाल, आरजीएचएस का बहिष्कार जारी
Modified Date: May 10, 2026 / 09:26 pm IST
Published Date: May 10, 2026 9:26 pm IST

जयपुर, 10 मई (भाषा) राजस्थान में चिकित्सक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल और जयपुर पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल के बीच रविवार दोपहर आयुक्तालय में हुई सकारात्मक वार्ता के बाद निजी चिकित्सा सेवाएं बहाल कर दी गईं। हालांकि, चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजना का बहिष्कार जारी है।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल चिकित्सकों ने बताया कि डॉ. सोनदेव बंसल को न्याय दिलाने तथा राजस्थान उच्च न्यायालय परिसर में एक समूह द्वारा उनके परिजनों के साथ कथित मारपीट, धमकी और अभद्र व्यवहार के विरोध में जयपुर के निजी चिकित्सकों और अस्पतालों ने कार्य बहिष्कार करते हुए चिकित्सा सेवाएं बंद कर दी थीं।

शनिवार को अशोक नगर थाने में डॉ. बंसल के परिजनों की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए), प्राइवेट हॉस्पिटल्स एंड नर्सिंग होम्स सोसाइटी तथा मेडिकल प्रैक्टिशनर्स सोसाइटी सहित विभिन्न चिकित्सा संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने जयपुर पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर घटना की जानकारी दी।

प्रतिनिधिमंडल ने चिकित्सकों और उनके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

पुलिस आयुक्त ने विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की मांग स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

इसके बाद जयपुर चिकित्सा संघ हॉल में चिकित्सा संगठनों की संयुक्त बैठक हुई, जिसमें मरीजों और आमजन को हो रही असुविधा को देखते हुए हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया गया।

चिकित्सा संगठनों ने कहा कि प्रशासन के आश्वासन के आधार पर जयपुर के निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में सामान्य सेवाएं तत्काल प्रभाव से बहाल कर दी जाएंगी।

हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में इस प्रकार की घटना दोबारा हुई तो विरोध प्रदर्शन फिर शुरू किया जा सकता है।

इस बीच, चिकित्सा संगठनों ने कहा कि राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (आरजीएचएस) से जुड़ी अनियमितताओं और समस्याओं का समाधान अब तक नहीं हुआ है, इसलिए राज्यभर में इस योजना का बहिष्कार जारी रहेगा।

भाषा

बाकोलिया रवि कांत


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