निजी विद्यालय आठवीं कक्षाओं तक के छात्रों के लिए प्रोजेक्ट आधारित मूल्यांकन के पक्ष में

निजी विद्यालय आठवीं कक्षाओं तक के छात्रों के लिए प्रोजेक्ट आधारित मूल्यांकन के पक्ष में

निजी विद्यालय आठवीं कक्षाओं तक के छात्रों के लिए प्रोजेक्ट आधारित मूल्यांकन के पक्ष में
Modified Date: November 29, 2022 / 07:52 pm IST
Published Date: February 25, 2021 12:02 pm IST

नयी दिल्ली, 25 फरवरी (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के विभिन्न निजी विद्यालयों ने कोविड-19 महामारी के चलते लगातार (भौतिक) कक्षाएं बंद रहने के मद्देनजर आठवीं कक्षाओं तक के विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रोन्नत करने अथवा प्रोजेक्ट एवं गृहकार्यों के आधार पर उनका मूल्यांकन करने की योजना बनायी है।

दिल्ली सरकार ने बुधवार को अपने विद्यालयों के वास्ते आठवीं कक्षाओं तक के विद्यार्थियों का मूल्यांकन करने के लिए दिशानिर्देश जारी किये थे। उसने ऑफलाइन परीक्षाएं रद्द करते हुए विद्यालयों से विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट एवं गृहकार्यों के आधार पर ग्रेड देने को कहा था ।

हालांकि सरकार ने निजी विद्यालयों को स्वयं ही अपना कार्यक्रम बनाने एवं मूल्यांकन का अपना तौर तरीका तय करने की छूट दी थी।

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रोहिणी के एमआरजी विद्यालय की प्राचार्य प्रियंका बरारा ने कहा, ‘‘लॉकडाउन के दौरान जो अध्यापन की ऑनलाइन व्यवस्था थी उसमें उपस्थिति में नियमितत का लाभ आठवीं कक्षाओं के विद्यार्थियों को देना, वाकई उनके लिए बहुत लाभप्रद एवं उत्साहजनक है।’’

शालीमार बाग के माडर्न स्कूल की प्राचार्य अल्का कपूर ने कहा, ‘‘ हम मुश्किल दौर में रह रहे हैं जहां जिंदगियां बचाना बाकी सभी चीजों से ऊपर है । भारतीय शिक्षा व्यवस्था के तौर तरीके में काफी बदलाव आया है। इसलिए आठवीं कक्षाओं तक के विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं में प्रोन्नत करने का दिल्ली सरकार का फैसला सही एवं स्वागतयोग्य है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ हम विद्यार्थियों का उनके गृहकार्य, ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी, प्रोजेक्ट कार्य और ऑनलाइन परीक्षाओं के आधार पर मूल्यांकन एवं वर्गीकरण करते आ रहे हैं। वर्तमान परिदृश्य के मद्देनजर प्रोजेक्ट कार्य एवं गृहकार्य की अहमियत ऑनलाइन परीक्षाओं से अधिक होगी।…’’

भाषा

राजकुमार नरेश

नरेश


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