निजी स्कूलों को अतिरिक्त शुल्क लौटाना होगा, विद्या माफिया पनपने नहीं देंगे: मान
निजी स्कूलों को अतिरिक्त शुल्क लौटाना होगा, विद्या माफिया पनपने नहीं देंगे: मान
चंडीगढ़, 13 जुलाई (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को कहा कि जिन निजी स्कूलों ने पिछले तीन साल के दौरान प्रतिवर्ष पांच प्रतिशत से अधिक शुल्क बढ़ाया है, उन्हें अतिरिक्त राशि लौटानी होगी।
मान ने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) के शासन में स्कूलों को ‘‘मुनाफा कमाने वाली फैक्टरी’’ नहीं बनने दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यहां संवाददाताओं को बताया कि राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने राज्य में निजी स्कूलों में शुल्क बढ़ोतरी की सीमा तय करने वाले अध्यादेश को मंजूरी दे दी है।
उन्होंने कहा कि शुल्क बढ़ोतरी की जांच के लिए उपायुक्तों की अध्यक्षता में एक विनियामक समिति गठित की जाएगी, जो स्कूलों द्वारा बढ़ाये गए शुल्क की समीक्षा करेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘जिन निजी स्कूलों ने पिछले तीन वर्षों की अवधि में 15 प्रतिशत से अधिक शुल्क बढ़ाया है, उन्हें बढ़ाई गई अतिरिक्त राशि अभिभावकों को वापस करनी होगी। उदाहरण के लिए, यदि किसी स्कूल ने पिछले तीन साल में शुल्क में 25 प्रतिशत की वृद्धि की है, तो उसे अतिरिक्त 10 प्रतिशत राशि अभिभावकों को लौटानी होगी।’’
मान ने स्पष्ट किया कि निजी स्कूलों को यह करने की अनुमति नहीं दी जाएगी कि वे राशि वापस करने के बजाय अतिरिक्त शुल्क को भविष्य के शुल्क में समायोजित कर दें।
पंजाब मंत्रिमंडल ने निजी स्कूलों में शुल्क बढ़ोतरी को प्रति वर्ष पांच प्रतिशत तक सीमित रखने वाले अध्यादेश को पिछले महीने मंजूरी दी थी। इसके बाद, इस अध्यादेश को मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास भेजा गया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच प्रतिशत की सीमा केवल ‘ट्यूशन फीस’ पर ही नहीं, बल्कि निजी स्कूलों द्वारा लिये जाने वाले सभी अनिवार्य शुल्क पर भी लागू होगी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार निजी स्कूलों द्वारा ली जाने वाली मोटी फीस और कई प्रकार के अन्य शुल्क पर रोक लगाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मान ने पंजाब गैर-सहायता प्राप्त संस्थान विनियमन (संशोधन) अध्यादेश, 2026 को मंजूरी देने के लिए राज्यपाल का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि यह सोमवार से तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम ‘‘विद्या माफिया’’ को पनपने नहीं देंगे। हमने पहले ही कई तरह के माफियाओं से निपटा है, हम एक और माफिया नहीं आने देंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारी सरकार द्वारा लिया गया एक ऐतिहासिक फैसला है और पंजाब देश का पहला राज्य होगा, जहां निजी विद्यालयों द्वारा वसूला गया अतिरिक्त शुल्क अभिभावकों को वापस किया जाएगा।’’
मुख्यमंत्री ने इस कार्रवाई के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि स्कूलों का ऑडिट कराया जाएगा और ट्यूशन फीस, परिवहन शुल्क या किसी भी अन्य प्रकार के शुल्क के रूप में ली जाने वाली सभी राशि को एक साथ जोड़कर देखा जाएगा। एक वर्ष में फीस वृद्धि की गणना इसी आधार पर की जाएगी, जो पांच प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी स्कूलों को पिछले चार वर्षों के शुल्क का रिकॉर्ड 10 दिनों के भीतर उपलब्ध कराना होगा। सभी विवरण प्राप्त होने के बाद उन्हें शिक्षा विभाग के पोर्टल पर अपलोड करना होगा और यह पूरी प्रक्रिया एक महीने के भीतर पूरी करनी होगी।
उन्होंने कहा कि यदि कोई स्कूल इन निर्देशों का पालन नहीं करता है, तो उस पर 50,000 रुपये से एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके बाद भी नियमों का पालन नहीं करने पर स्कूल की मान्यता रद्द कर दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि अमृतसर में हुई दुखद घटना के बाद निजी स्कूलों के मनमाने तरीके से शुल्क बढ़ाने के संबंध में कई अभिभावकों ने उन्हें फोन किए थे।
मान ने कहा कि पिछले महीने, अमृतसर में 17 साल की एक छात्रा ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। आरोप है कि स्कूल ने बकाया शुल्क को लेकर उसे मानसिक रूप से परेशान किया था।
भाषा सुभाष सुरेश
सुरेश

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