एआई सम्मेलन में प्रदर्शन: पुलिस ने युवा कांग्रेस के तीन कार्यकर्ताओं को ग्वालियर से गिरफ्तार किया

एआई सम्मेलन में प्रदर्शन: पुलिस ने युवा कांग्रेस के तीन कार्यकर्ताओं को ग्वालियर से गिरफ्तार किया

एआई सम्मेलन में प्रदर्शन: पुलिस ने युवा कांग्रेस के तीन कार्यकर्ताओं को ग्वालियर से गिरफ्तार किया
Modified Date: February 23, 2026 / 06:38 pm IST
Published Date: February 23, 2026 6:38 pm IST

नयी दिल्ली, 23 फरवरी (भाषा) दिल्ली पुलिस ने पिछले सप्ताह ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ में भारतीय युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं (आईवाईसी) द्वारा कमीज उतारकर किए गए विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में ग्वालियर से तीन कार्यकर्ताओं समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है और उनपर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने तथा राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुंचाने वाले बयान देने सहित कई आरोप लगाए हैं। पुलिस के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि जितेंद्र यादव, राज गुर्जर और अजय कुमार नामक आरोपियों को मध्य प्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तार किया गया, जिससे इस मामले में गिरफ्तारियों की कुल संख्या सात हो गई है।

पुलिस ने उत्तर प्रदेश के ललितपुर से आईवाईसी की उत्तर प्रदेश इकाई के महासचिव रितिक उर्फ ​मोंटी शुक्ला को भी हिरासत में लिया है, जबकि आईवाईसी अध्यक्ष उदय भानु चिब से भी पूछताछ की जा रही है।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196 (धर्म, जाति, जन्मस्थान, निवास स्थान, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना और सद्भाव बनाए रखने में हानिकारक कार्य करना) तथा 197 (राष्ट्रीय एकता के लिए हानिकारक आरोप और बयान) के अलावा कई और धाराएं जोड़ी हैं।

इन धाराओं के तहत तीन साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

गत शुक्रवार को भारत मंडपम में ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ के दौरान एक प्रदर्शनी हॉल में भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के एक समूह ने कमीज उतारकर विरोध प्रदर्शन किया था। वे ऐसी टी-शर्ट लेकर घूम रहे थे, जिनपर सरकार और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ नारे छपे थे। इसके बाद कार्यक्रम स्थल पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों द्वारा उन्हें वहां से हटा दिया गया था।

दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को ही युवा कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया था। अधिकारियों ने कहा कि मामले में व्यापक साजिश के पहलू से भी जांच की जा रही है।

इस मुद्दे ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसे ‘‘वैश्विक मंच पर भारत की छवि को धूमिल करने का एक शर्मनाक कृत्य’’ बताया, जबकि भारतीय युवा कांग्रेस ने इसे राष्ट्रीय हितों की रक्षा के उद्देश्य से किया गया ‘‘शांतिपूर्ण’’ प्रदर्शन बताकर इसका बचाव किया।

पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता हॉल नंबर-पांच के लॉबी क्षेत्र में घुस गए और नीचे पहनी हुई टी-शर्ट उतारकर या हाथों में पकड़कर नारे लगाने लगे।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने कार्यक्रम स्थल में प्रवेश करने के लिए क्यूआर कोड प्राप्त करने हेतु ऑनलाइन पंजीकरण कराया था। आरोपियों ने पहले काले रंग की छतरियों पर स्टिकर चिपकाकर उन्हें चुपके से भारत मंडपम में ले जाने की योजना बनाई थी।

एक सूत्र ने बताया कि हालांकि, बाद में उन्हें लगा कि काले छाते प्रवेश द्वार पर तैनात सुरक्षाकर्मियों का ध्यान आकर्षित कर सकते हैं इसलिए उन्होंने अपनी योजना बदल दी और टी-शर्ट पर छपे स्टिकर लगवाकर उन्हें अपनी कमीज के नीचे पहन लिया।

अंदर प्रवेश करने के बाद उन्होंने टी-शर्ट के ऊपर पहनी हुई कमीजें उतार दीं। उनकी टी-शर्ट पर ‘‘पीएम इज कॉम्प्रोमाइज्ड’’, ‘‘भारत-अमेरिका व्यापार समझौता’’ और ‘‘एप्स्टीन फाइल्स’’ लिखा था।

सूत्रों ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने ड्यूटी पर तैनात कुछ पुलिस अधिकारियों के साथ हाथापाई भी की और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

जांचकर्ता विरोध-प्रदर्शन के पीछे के वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रहे हैं, जिसमें यह भी शामिल है कि टी-शर्ट पर नारे छपवाने के लिए किसने धन दिया था।

भाषा नोमान नोमान सुरेश

सुरेश


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