पश्चिम बंगाल में एसआईआर के विरोध में कई जिलों में प्रदर्शन

पश्चिम बंगाल में एसआईआर के विरोध में कई जिलों में प्रदर्शन

पश्चिम बंगाल में एसआईआर के विरोध में कई जिलों में प्रदर्शन
Modified Date: April 2, 2026 / 07:57 pm IST
Published Date: April 2, 2026 7:57 pm IST

कोलकाता, दो अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण से महज तीन सप्ताह पहले, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में बृहस्पतिवार को राज्य के कई जिलों में प्रदर्शन हुए।

प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूचियों से नाम हटाए जाने के विरोध में सड़कों और राजमार्गों को अवरुद्ध कर दिया। मालदा, जलपाईगुड़ी, कूच बिहार और पूर्वी बर्द्धमान में प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाए, सड़कों को अवरुद्ध किया और मौन मार्च निकाला, जहां 23 अप्रैल को मतदान होना है।

एक दिन पहले, मालदा जिले के कालियाचक में एसआईआर कार्य में लगे सात न्यायिक अधिकारियों का घेराव किया गया था। कई घंटों की मशक्कत के बाद सुरक्षा बलों ने उन्हें छुड़ा लिया।

मतदाताओं के बड़े पैमाने पर नामों को काटे जाने का आरोप लगाते हुए, प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को कोलकाता और सिलीगुड़ी को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 12 को भी अवरुद्ध कर दिया।

इन घटनाओं के बीच, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर राज्य में अशांति फैलाने और विधानसभा चुनावों से पहले राष्ट्रपति शासन लागू करने की राह प्रशस्त करने के लिए ‘‘षड्यंत्र’’ रचने का आरोप लगाया।

इंग्लिश बाजार क्षेत्र के जादुपुर में भी प्रदर्शन हुआ। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘‘हमारे पास सभी आवश्यक दस्तावेज हैं, फिर भी हमारा नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया। हम तत्काल सुधार चाहते हैं।’’

मंगलबाड़ी में प्रदर्शन लगभग चार घंटे तक जारी रहा। मालदा के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट शेख अनसार अहमद के मौके पर पहुंचने और प्रदर्शनकारियों को उनकी शिकायतों पर गौर करने का आश्वासन देने के बाद प्रदर्शन खत्म हुआ।

जलपाईगुड़ी के मैनागुड़ी में, स्थानीय लोगों ने हुसुलडांगा में राष्ट्रीय राजमार्ग-27 को अवरुद्ध कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के बाद कई पात्र मतदाताओं के नाम हटा दिए गए।

एसआईआर विरोधी प्रदर्शन पड़ोसी कूच बिहार जिले में भी देखने को मिला, जहां पचगढ़ ग्राम पंचायत क्षेत्र के मदरसा मोड़ के निवासियों ने कूच बिहार-मथाभंगा सड़क को लगभग तीन घंटे तक अवरुद्ध कर दिया।

पूर्वी बर्द्धमान के शक्तिगढ़ में मौन मार्च का आयोजन किया गया, जहां प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि कई पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से गायब हैं।

भाषा आशीष नरेश

नरेश


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