चंडीगढ़, चार अगस्त (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पंजाब स्मॉल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन (पीएसआईईसी) में कथित अनियमितताओं से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के तहत मंगलवार को पंजाब और चंडीगढ़ में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई।
पीएसआईईसी पंजाब में उद्योगों को बढ़ावा देने का काम करती है।
अधिकारियों के अनुसार, केंद्रीय एजेंसी ने चंडीगढ़ में करीब 11 परिसरों के अलावा पंजाब के लुधियाना, पटियाला, अमृतसर और गुरदासपुर में भी छापेमारी की। वहीं, चंडीगढ़ स्थित पीएसआईईसी कार्यालय ‘उद्योग भवन’ में सर्वेक्षण किया गया।
जिन परिसरों की तलाशी ली गई, उनमें पीएसआईईसी के कार्यकारी निदेशक भाई सुखदीप सिंह, सेवानिवृत्त मुख्य महाप्रबंधक सुरेंद्र पाल सिंह, सेवानिवृत्त महाप्रबंधक जसविंदर सिंह रंधावा, अन्य सेवानिवृत्त अधिकारी सवतेज सिंह, निगम के कुछ अधिकारियों, संपत्ति डीलरों और बेनामी संपत्ति धारकों से जुड़े ठिकाने शामिल हैं।
ईडी की जांच मार्च 2024 में पंजाब सतर्कता ब्यूरो द्वारा मोहाली में दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है। आरोप है कि पीएसआईईसी के कुछ अधिकारियों और निजी लोगों ने संपत्ति डीलरों के साथ मिलकर महंगे भूखंड रिश्तेदारों और दोस्तों के नाम आवंटित किए।
एजेंसी फर्जी कंपनियों, गलत पतों और औद्योगिक भूखंडों के उपयोग में बदलाव से जुड़े आरोपों की भी जांच कर रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, कुछ रियल एस्टेट डेवलपर ने औद्योगिक भूखंडों को आवासीय उपयोग में बदलकर भारी मुनाफा कमाया, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ।
जांच के दायरे में पंजाब के गिरफ्तार मंत्री संजीव अरोड़ा से जुड़ी एक कंपनी भी है। अरोड़ा कुछ महीने पहले धनशोधन मामले में ईडी द्वारा गिरफ्तार किए गए थे और वह फिलहाल जेल में हैं। उन्होंने आरोपों से इनकार किया है।
भाषा
राखी पारुल
पारुल