लोक सेवकों को शासकों की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए : विक्रमादित्य सिंह

लोक सेवकों को शासकों की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए : विक्रमादित्य सिंह

लोक सेवकों को शासकों की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए : विक्रमादित्य सिंह
Modified Date: January 15, 2026 / 10:45 pm IST
Published Date: January 15, 2026 10:45 pm IST

शिमला, 15 जनवरी (भाषा) हिमाचल प्रदेश के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि लोक सेवकों को शासकों की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए।

लोक निर्माण मंत्री सिंह ने कहा, ‘मैं अपने शब्दों पर कायम हूं और राज्य के हित में अपनी आवाज उठाऊंगा क्योंकि यह मेरी नैतिक जिम्मेदारी है।’

मंत्री ने यहां मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, “संवैधानिक ढांचे के तहत अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए राज्य में आने वाले भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों का मैं तहे दिल से स्वागत करता हूं लेकिन जनसेवा सर्वोपरि है और यदि हमें कोई समझौता या कमी दिखाई देती है, तो आवाज उठाना मेरा कर्तव्य है।”

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उन्होंने कहा, “हम एक संघीय गणराज्य में रहते हैं जहां केंद्र और राज्यों की अपनी-अपनी भूमिकाएं हैं। लोक सेवकों को शासकों की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए।”

सिंह ने मंगलवार को बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के कथित मनमाने कामकाज पर सवाल उठाया था और कहा था कि सार्वजनिक धन के अनुचित वितरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अधिकारियों का बचाव करते हुए पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने बुधवार को कहा था कि ‘अपनी गलतियों के लिए अधिकारियों को दोष देना सही नहीं है। मंत्रियों को भी यह पता होना चाहिए कि अधिकारियों से काम कैसे करवाया जाता है।’

पीडब्ल्यूडी मंत्री ने कहा, ‘मैं मंत्रियों में सबसे युवा हूं और किसी से टकराव नहीं चाहता लेकिन सिद्धांतों, नैतिकता और मूल्यों पर कोई समझौता नहीं हो सकता और राज्य का हित सर्वोपरि है।’

भाषा राखी अविनाश

अविनाश


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