पंजाब: ‘आप’ विधायक पठानमाजरा को बलात्कार मामले में नियमित जमानत मिली

पंजाब: ‘आप’ विधायक पठानमाजरा को बलात्कार मामले में नियमित जमानत मिली

पंजाब: ‘आप’ विधायक पठानमाजरा को बलात्कार मामले में नियमित जमानत मिली
Modified Date: May 31, 2026 / 10:44 am IST
Published Date: May 31, 2026 10:44 am IST

चंडीगढ़, 31 मई (भाषा) पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को उनके खिलाफ पिछले साल दर्ज बलात्कार के मामले में नियमित जमानत दे दी।

अदालत ने शुक्रवार को दिए गए आदेश में पठानमाजरा को अपना पासपोर्ट अधीनस्थ अदालत में जमा करने और महीने में दो बार संबंधित थाने में पेश होने का निर्देश दिया।

पटियाला के सनौर से पहली बार विधायक बने पठानमाजरा को 25 मार्च को मध्य प्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तार किया गया था। वह पिछले साल दो सितंबर से बलात्कार के मामले में फरार थे। पंजाब पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए जब हरियाणा के करनाल गई थी तब वह हिरासत से भाग निकले थे।

बलात्कार, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी के आरोपों में उनके खिलाफ एक सितंबर, 2025 को सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज किया गया था।

यह मामला जीरकपुर की एक महिला की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है। उसने आरोप लगाया है कि विधायक ने खुद को तलाकशुदा बताकर उससे संबंध बनाए और बाद में 2021 में उससे शादी कर ली, जबकि वह पहले से ही विवाहित थे।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि वह 2013-14 में फेसबुक के माध्यम से पठानमाजरा के संपर्क में आई थी और उन्होंने अगस्त 2021 में शादी कर ली थी।

उसने आरोप लगाया है कि विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए पठानमाजरा द्वारा मार्च 2022 में दायर हलफनामे को देखने के बाद ही उसे उनकी मौजूदा शादी के बारे में पता चला।

पठानमाजरा के वकील ने दलील दी कि प्राथमिकी में लगाए गए आरोप निराधार हैं और विधायक को राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण फंसाया गया है।

अपने आदेश में अदालत ने कहा, ‘‘तथ्यों को देखने के बाद इस तरह के सवाल उठते हैं कि जब शिकायतकर्ता के याचिकाकर्ता के साथ 2013-14 से लगभग एक दशक तक शारीरिक संबंध रहे तो क्या शिकायतकर्ता इतने लंबे समय तक आरोपी के वैवाहिक संबंधों से पूरी तरह अनभिज्ञ रह सकती है और क्या यह कहा जा सकता है कि यह लंबा संबंध उसकी सहमति के बिना था या यह सहमति इसलिए दी गई थी क्योंकि वह खुद को कानूनी रूप से विवाहित पत्नी मानती थी।’’

अदालत ने टिप्पणी की कि पठानमाजरा का पहले फरार होना उनकी जमानत याचिका खारिज करने का आधार नहीं हो सकता।

अदालत ने कहा कि इस तथ्य से इनकार नहीं किया जा सकता कि पठानमाजरा पहले कानून की प्रक्रिया से भाग गए थे और देश से बाहर चले गए थे लेकिन वह लौट आए और 24 मार्च, 2026 को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

उसने कहा कि इससे पहले, पठानमाजरा को भगोड़ा घोषित कर दिया गया था और इस संबंध में आगे की कार्यवाही लंबित है।

अदालत ने कहा, ‘‘इस मामले के तथ्यों के आधार पर उनका फरार होना जमानत नामंजूर करने का आधार नहीं हो सकता। इसी तरह, अन्य प्राथमिकी लंबित होना भी उन्हें हिरासत में रखने का पर्याप्त आधार नहीं है।’’

भाषा सुरभि सिम्मी

सिम्मी


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