चंडीगढ़, एक सितंबर (भाषा) पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) ने कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार के निधन के बाद भाजपा के तीन सांसदों द्वारा शोक जताए जाने के खिलाफ मंगलवार को लुधियाना, जालंधर, अमृतसर और बठिंडा में प्रदर्शन किया।
आप ने भाजपा से इन तीनों सांसदों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की और सवाल किया कि जिम्मेदार सार्वजनिक पदों पर आसीन निर्वाचित प्रतिनिधि 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति के घर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि कैसे दे सकते हैं।
भाजपा सांसदों के कुमार के घर जाने की कड़ी निंदा करते हुए आप नेताओं ने कहा कि 1984 का नरसंहार सिख परिवारों के लिए अब भी एक गहरा व न भरने वाला घाव है और कुमार को श्रद्धांजलि देने से सिख समुदाय की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है।
कुमार 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामले में दो उम्रकैद की सजा काट रहे थे। 20 अगस्त को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उनका निधन हो गया था।
दिल्ली के भाजपा के तीन सांसद कमलजीत सहरावत, रामवीर सिंह बिधूड़ी और योगेंद्र चंदोलिया शोक व्यक्त करने के लिए हाल ही में कुमार के आवास पहुंचे थे।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने शनिवार को इन तीनों सांसदों को तलब किया था और कुमार के आवास पर जाने को लेकर नाराजगी जताई थी।
अमृतसर में आप कार्यकर्ताओं ने राज्यसभा सदस्य तरुण चुघ के आवास के बाहर प्रदर्शन किया और उनके घर का घेराव करने की कोशिश की।
पुलिस ने भारी संख्या में जवानों की तैनाती की और अवरोधक लगाए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आवास तक पहुंचने से रोक दिया।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए आप विधायक जीवन जोत कौर ने कहा, ‘‘1984 का नरसंहार सिख परिवारों के लिए अब भी एक गहरा और न भरने वाला घाव है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने बार-बार पंजाब तथा सिख समुदाय के हितों के खिलाफ काम किया है। भाजपा नेता ऐसे व्यक्ति का सम्मान कैसे कर सकते हैं, जिसका नाम 1984 के नरसंहार से जुड़ा हुआ है?’’
भाषा जोहेब रंजन
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