पंजाब: राज्यपाल के संबोधन के दौरान कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा से बहिर्गमन किया
पंजाब: राज्यपाल के संबोधन के दौरान कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा से बहिर्गमन किया
चंडीगढ़, छह मार्च (भाषा) पंजाब विधानसभा में शुक्रवार को राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान कांग्रेस विधायकों ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के खिलाफ नारे लगाए और सदन से बहिर्गमन किया।
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने विपक्षी दलों के विधायकों से उचित समय पर अपने मुद्दे उठाने का अनुरोध किया जिसके बावजूद कांग्रेस विधायक भगवंत मान सरकार के खिलाफ नारे लगाते रहे और बाद में सदन से बाहर निकल गये।
विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन कटारिया ने अभिभाषण पढ़ना शुरू किया, जिसके बाद विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा अपनी सीट से उठे और राज्य में कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाने लगे।
कटारिया ने कांग्रेस नेता से कहा कि उन्हें ऐसे मुद्दे उठाने का समय मिलेगा।
राज्यपाल ने बाजवा से कहा, “आपको विरोध करने का अधिकार है, सही समय पर इसका प्रयोग करें। यही मेरा अनुरोध है।”
कांग्रेस विधायक ने लेकिन बैठने से इनकार कर दिया और मुद्दे उठाते रहे। हालांकि कटारिया ने अपना संबोधन जारी रखा।
कुछ समय बाद, राज्यपाल ने बाजवा से फिर से अनुरोध किया कि वह सही समय पर विरोध करने के अपने अधिकार का प्रयोग करें।
इसके बाद तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, सुखपाल सिंह खैरा और सुखविंदर कोटली सहित कांग्रेस विधायक आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सदन में आसन के समीप आ गए।
सत्र शुरू होने के मुश्किल से 17 मिनट बाद ही कांग्रेस विधायकों ने बहिर्गमन किया।
कटारिया ने बाद में सदन के बाहर पत्रकारों से कहा कि अभिभाषण में राज्य सरकार की उपलब्धियों के साथ-साथ भविष्य की योजनाओं का भी उल्लेख किया गया था।
राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश की कि सभी विधायक उनका भाषण सुनें।
उन्होंने कांग्रेस विधायकों का जिक्र करते हुए कहा, “लेकिन शायद उनका ऐसा इरादा नहीं था और इसीलिए वे सदन से बाहर चले गए।”
कटारिया ने कहा, “मेरी अब भी यही गुजारिश है कि आप सदन में अपने मुद्दे जितने ज्यादा उठाएंगे, उतना ही आपको फायदा होगा। लेकिन अगर आप अपने मुद्दों को सदन में नहीं उठाते तो यह आपका नुकसान है।”
बाजवा ने कहा कि वह आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की कथित विफलताओं के विरोध में सदन से बाहर चले गए।
उन्होंने मंत्रियों अमन अरोड़ा और हरपाल सिंह चीमा पर राज्यपाल के भाषण में शामिल होने के बजाय प्रेस वार्ता करने के लिए निशाना साधा।
अरोड़ा ने सदन से कांग्रेस विधायकों के बाहर जाने की निंदा की।
उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की उपलब्धियों को गिनाया, जिनमें 60,000 सरकारी नौकरियां देना और गैंगस्टरों व मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करना शामिल है।
वित्त मंत्री चीमा ने भी राज्यपाल द्वारा दो बार भाषण सुनने का अनुरोध किए जाने के बावजूद सदन से बाहर जाने के लिए कांग्रेस विधायकों की आलोचना की।
भाषा जितेंद्र नरेश
नरेश

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