पंजाब: भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री मान के आचरण के संबंध में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा
पंजाब: भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री मान के आचरण के संबंध में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा
चंडीगढ़, तीन मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पंजाब इकाई के एक प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान के आचरण और भाजपा में शामिल हुए कुछ सांसदों के खिलाफ आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की हालिया कार्रवाई समेत कई मुद्दे उठाए गए हैं।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ के नेतृत्व में लोकभवन में राज्यपाल से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा, नेता प्रणीत कौर, श्वेत मलिक, विनीत जोशी और तीक्ष्ण सूद शामिल थे।
ज्ञापन में ‘‘संवैधानिक कदाचार, शासन व्यवस्था के चरमराने और राज्य प्रशासन के दुरुपयोग’’ पर गंभीर चिंता जताई गई।
ज्ञापन में कहा गया है कि पंजाब में हालिया घटनाक्रम शासन, संवैधानिक मर्यादा और सुरक्षा ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
इससे पहले जाखड़ और अन्य भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री भगवंत मान शुक्रवार को विधानसभा के विशेष सत्र में कथित रूप से नशे की हालत में पहुंचे थे।
हालांकि, वित्त मंत्री और ‘आप’ के वरिष्ठ नेता हरपाल सिंह चीमा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष मुख्यमंत्री को बदनाम करने के लिए झूठे और निराधार आरोप लगा रहा है।
भाजपा के ज्ञापन में कहा गया है कि मुख्यमंत्री का ऐसा आचरण सदन की गरिमा के अनुरूप नहीं है और इससे लोकतांत्रिक संस्थाओं की शुचिता को नुकसान पहुंचा है।
पार्टी ने यह भी कहा कि इससे मुख्यमंत्री की संवैधानिक जिम्मेदारियां निभाने की क्षमता पर सवाल उठते हैं।
भाजपा ने यह दावा भी किया कि पंजाब में पुलिस सुरक्षा देने और वापस लेने के मामलों में ‘‘राजनीतिक पक्षपात’’ किया जा रहा है।
पार्टी के अनुसार, भाजपा में शामिल हुए पांच राज्यसभा सदस्यों की सुरक्षा अचानक हटा दी गई, जबकि आप विधायक रमन अरोड़ा की भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तारी के बावजूद सुरक्षा बहाल कर दी गई।
ज्ञापन में कहा गया है कि सुरक्षा खतरे के आकलन के आधार पर प्रदान किया जाना चाहिए, न कि राजनीतिक संबद्धता के आधार पर।
जाखड़ ने कहा कि हाल में भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सदस्य संदीप पाठक के खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज कराए जाने से भाजपा डरने वाली नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम सांसदों को दल-बदल करने से रोकने के लिए उठाया गया है।
भाषा जोहेब सुभाष
सुभाष

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