पंजाब: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाक हवाई हमले में अपने माता-पिता को गंवा चुके जसवंत अब भी सदमे में
पंजाब: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाक हवाई हमले में अपने माता-पिता को गंवा चुके जसवंत अब भी सदमे में
फिरोजपुर (पंजाब), सात मई (भाषा) पंजाब में फिरोजपुर के खाई फेमे की गांव में ड्रोन विस्फोट के सालभर बाद भी एक बंद घर में सन्नाटा पसरा हुआ है, आंगन में झुलसी हुई कार अब भी खड़ी है तथा अपना परिवार बिखरने के एक साल बाद भी, उस भयावह रात की यादें जसवंत सिंह को सता रही हैं, जो उस घटना में अकेला जीवित बच गये और अब वहां नहीं रहते हैं।
पिछले साल नौ मई को जसवंत के माता-पिता लखविंदर सिंह (57) और सुखविंदर कौर (50) गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जब भारतीय सेना की वायु रक्षा प्रणाली ने एक पाकिस्तानी ड्रोन को हवा में रोक दिया था लेकिन उसका मलबा पंजाब के फिरोजपुर के बाहरी इलाके में इस सीमावर्ती गांव में उनके घर पर गिरा – जिससे एक विस्फोट हुआ।
सुखविंदर की 12 मई को उपचार के दौरान मौत हो गई थी, जबकि लखविंदर ने लुधियाना के एक निजी अस्पताल में लगभग 50 दिनों तक जीवन के लिए संघर्ष करने के बाद एक जुलाई को दम तोड़ दिया था।
इस घटना में घायल हुए जसवंत अब मामडोट प्रखंड के वरियम सिंह वाला गांव में अपने रिश्तेदारों के साथ रहते हैं। परिवार के सदस्यों का कहना है कि माता-पिता दोनों को इतनी भयावह तरीके से खोने का सदमा आज भी उन पर गहरा असर डालता है।
सरकार ने परिवार के इकलौते जीवित सदस्य जसवंत को 20 लाख रुपये का मुआवजा दिया था, जबकि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने भी पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की थी।
जसवंत के चाचा गुरबचन सिंह ने बृहस्पतिवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा,‘‘पैसा इंसान की जिंदगी की भरपाई नहीं कर सकता। अपने माता-पिता को खोने के बाद जसवंत पूरी तरह टूट चुका है और जब भी वह घर के पास जाता है, पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं।’’
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार को जसवंत को नौकरी देनी चाहिए।
भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पिछले साल सात मई को तड़के पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ बहावलपुर और मुरीदके में लश्कर-ए-तैबा का अड्डे समेत नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। यह हमला 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में किया गया था।
भारत की इस कार्रवाई के बाद, पाकिस्तान ने आठ, नौ और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला करने का प्रयास किया।
भारतीय सेना ने इन प्रयासों को विफल कर दिया और बदले में पाकिस्तान के कई महत्वपूर्ण सैन्य प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान पहुंचाया, जिनमें हवाई अड्डे, वायु रक्षा प्रणाली, कमान और नियंत्रण केंद्र और रडार स्थल आदि शामिल हैं।
भाषा
राजकुमार रंजन
रंजन

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