गिरफ्तारी से बचने के लिए अमेरिका से फरार धोखाधड़ी के आरोपी को पंजाब पुलिस ने किया गिरफ्तार
गिरफ्तारी से बचने के लिए अमेरिका से फरार धोखाधड़ी के आरोपी को पंजाब पुलिस ने किया गिरफ्तार
(परिवर्तित स्लग के साथ)
जालंधर, छह सितंबर (भाषा) अमेरिका की सरकारी योजनाओं में कथित तौर पर धोखाधड़ी करने वाले और संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) की वांछित सूची में शामिल एक व्यक्ति को पंजाब पुलिस ने जालंधर में दर्ज एक मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
जालंधर में पुलिस ने बताया कि अमेरिकी नागरिकता हासिल करने वाले मनजीत सिंह बेदी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए इस साल अप्रैल में अमेरिका छोड़ दिया था और कनाडा के रास्ते भारत आ गया।
पुलिस ने बताया कि उसे दो दिन पहले रामामंडी थाने में दर्ज यात्रा से जुड़े एक धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, बेदी से पूछताछ के दौरान पता चला कि उसने अमेरिका में भी धोखाधड़ी की थी और अमेरिकी कानून से बचने के लिए वहां से फरार हो गया था। जालंधर में दर्ज मामले में उस पर एक व्यक्ति को विदेश भेजने में मदद करने के नाम पर कथित तौर पर ठगी करने का आरोप है।
एफबीआई के अनुसार, धोखाधड़ी के आरोप में अभ्यारोपित किये जाने के बाद, बेदी को अपना पासपोर्ट जमा करने और वाशिंगटन में ही रहने का आदेश दिया गया था।
अमेरिकी एजेंसी ने बताया कि निगरानी की शर्तों के उल्लंघन के आरोप में 21 मई को अमेरिका की जिला अदालत में उसके खिलाफ संघीय गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था।
एफबीआई निदेशक काश पटेल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘बेदी को भारत में गिरफ्तार किया गया है। माना जाता है कि वह पिछले साल भारत भाग गया था। एफबीआई उसे अमेरिका वापस लाने के लिए तत्परता से जुटी हुई है।’’
एफबीआई के अनुसार, बेदी की वाशिंगटन के टाकोमा में किराने की एक छोटी सी दुकान थी। आरोप है कि वह ग्राहकों के सरकारी लाभ कार्डों का इस्तेमाल करके उन्हें खाद्य सामग्री देने के बजाय नकद पैसे देता था। यह मामला पूरक पोषण सहायता कार्यक्रम (एसएनएपी) से जुड़ा है, जिसे आम तौर पर अमेरिकी खाद्य सहायता योजना के रूप में जाना जाता है।
पटेल ने कहा, ‘‘धोखाधड़ी करने वालों की नयी सर्वाधिक वांछित सूची बनाए जाने के बाद गिरफ्तार होने वाला वह पांचवां आरोपी है। अब तक पकड़े गए आरोपियों पर कुल मिलाकर दो अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की धोखाधड़ी के मामले हैं और गिरफ्तारी से पहले वे सामूहिक रूप से करीब 4,000 दिनों तक फरार रहे।’’
पटेल के मुताबिक, बेदी पर संचार तथा एसएनएपी लाभों में धोखाधड़ी समेत कई आरोप हैं।
एफबीआई ने बृहस्पतिवार को बताया कि बेदी एसएनएपी योजना के लाभार्थियों के कार्ड कथित तौर पर इस्तेमाल करता था और उन्हें खाद्य सामग्री देने के बजाय नकद रकम देता था। आरोप है कि वह इस रकम का आधा हिस्सा अपने पास रख लेता था।
एफबीआई के अनुसार, अमेरिकी नागरिकता प्राप्त कर चुके बेदी ने मार्च 2024 से जून 2025 के बीच अमेरिकी सरकार के साथ कम से कम छह लाख अमेरिकी डॉलर की धोखाधड़ी की।
धोखाधड़ी के मामले में आरोप-पत्र दाखिल किए जाने के बाद, बेदी को गिरफ्तार किए बिना अदालत में पेश होने की अनुमति दी गई। उसे अपना पासपोर्ट जमा करने और वाशिंगटन में ही रहने का आदेश दिया गया था, लेकिन बेदी गाड़ी से सीमा पार कर कनाडा पहुंच गया और उसके बाद भारत भाग गया।
भाषा
खारी सुभाष
सुभाष

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