चंडीगढ़, 27 सितंबर (भाषा) पंजाब के फगवाड़ा में स्थित एक निजी विश्वविद्यालय के छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में एक बाहरी व्यक्ति द्वारा एक छात्रा से ‘‘दुष्कर्म किए जाने के दावे’’ के मद्देनजर शनिवार देर रात परिसर में तोड़फोड़ की और राष्ट्रीय राजमार्ग को बाधित कर दिया।
पुलिस ने कहा कि छात्रों की शिकायत पर इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। छात्रों द्वारा जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध किए जाने से वहां यातायात बुरी तरह बाधित हो गया।
‘लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी’ (एलपीयू) ने एक बयान में कहा कि इन अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं है।
सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में एलपीयू के छात्र खिड़कियों के शीशे एवं गमले तोड़ते और कुछ वस्तुओं में आग लगाते दिखाई दे रहे हैं। परिसर में कुछ दुकानों में भी कथित तौर पर तोड़फोड़ की गई।
राजमार्ग पर जाम के कारण जालंधर की ओर जाने वाले यातायात को फगवाड़ा-जंडियाला मार्ग और अन्य वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ा गया।
प्रदर्शन विश्वविद्यालय के छात्रावास के पास शनिवार देर रात करीब एक बजे शुरू हुआ। छात्रों ने आरोप लगाया कि छात्रावास में रहने वाली एक छात्रा से तीन दिन पहले एक ‘प्लंबर’ ने दुष्कर्म किया था।
छात्रों ने यह भी दावा किया कि छात्रावास वार्डन को इस बारे में सूचित किया गया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
घटना की सूचना मिलने के बाद कपूरथला, जालंधर ग्रामीण और होशियारपुर से बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया।
कपूरथला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) गौरव तूरा ने कहा कि पुलिस को सूचना मिली थी कि देर रात करीब पौने दो बजे छात्र एलपीयू परिसर में एकत्र हुए और उन्होंने एक सड़क बाधित कर दी।
मौके पर पहुंचे जालंधर रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) नवीन सिंगला ने कहा कि रेंज के सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और पुलिस बल को तैनात किया गया है।
उन्होंने कहा कि छात्रों का आरोप है कि घटना के बाद छात्रा अपने घर लौट गई और इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।
सिंगला ने कहा कि छात्रों के बयान के आधार पर मामले में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
उन्होंने कहा कि छात्रों की कुछ अन्य मांगें भी हैं, जिन पर एलपीयू प्रबंधन के साथ बैठक तय की गई है।
डीआईजी ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद उसकी एक प्रति छात्रों को दी जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘‘मामले की जांच की जाएगी। फॉरेंसिक जांच के साथ सीसीटीवी फुटेज एवं फोन की भी जांच की जाएगी। जांच छात्र नेताओं को साथ लेकर की जाएगी।’’
सिंगला ने कहा कि प्राथमिकी एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दर्ज की जाएगी और मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) भी गठित किया जाएगा।
उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि छात्राएं यह मांग भी कर रही हैं कि छात्रावास में केवल महिला कर्मियों को तैनात किया जाए। उन्होंने कहा कि इन मांगों पर विश्वविद्यालय प्रबंधन कार्रवाई करेगा।
इससे पहले, तूरा ने एक छात्रा से दुष्कर्म के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर पत्रकारों से कहा, ‘‘जब हम यहां पहुंचे तो पता चला कि कुछ अफवाहें फैली थीं। इन अफवाहों के कारण छात्र यहां एकत्र हुए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमने छात्रों से बात की। उन्हें एलपीयू प्रशासन से कुछ शिकायतें हैं। हमने उनकी बात सुनी है और उनका समाधान कराने की कोशिश कर रहे हैं। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।’’
एलपीयू प्रशासन ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए पूरी तरह झूठी, निराधार एवं मनगढ़ंत अफवाहें फैला रहे हैं जिससे छात्रों के बीच अनावश्यक भ्रम पैदा हो रहा है तथा विश्वविद्यालय के शांतिपूर्ण शैक्षणिक माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है।
विश्वविद्यालय ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि उसकी प्रतिष्ठा और छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए जानबूझकर और संगठित तरीके से यह प्रयास किया जा रहा है।
उसने छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों से ऐसी अफवाहों पर विश्वास नहीं करने, उन्हें प्रसारित नहीं करने और केवल विश्वविद्यालय के आधिकारिक माध्यमों से दी गई जानकारी पर भरोसा करने की अपील की।
यह घटना पटियाला के चितकारा विश्वविद्यालय में छात्रों के प्रदर्शन के एक दिन बाद हुई है।
वहां भी परिसर में दो छात्राओं के कथित तौर पर आत्महत्या करने की अपुष्ट खबरों को लेकर छात्रों ने एक पुलिस वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया था।
भाषा सिम्मी रंजन
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