पंजाब विश्वविद्यालय शासी निकाय : केंद्र के पुनर्गठन कदम के खिलाफ उच्च न्यायालय का रुख करेगा पंजाब
पंजाब विश्वविद्यालय शासी निकाय : केंद्र के पुनर्गठन कदम के खिलाफ उच्च न्यायालय का रुख करेगा पंजाब
चंडीगढ़, पांच नवंबर (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) के शासी निकाय – सीनेट और सिंडिकेट – के पुनर्गठन के केंद्र के हालिया फैसले के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय का रुख करेगी।
मुख्यमंत्री मान ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ की सीनेट और सिंडिकेट को असंवैधानिक रूप से भंग करने की अधिसूचना जारी होने के खिलाफ पंजाब सरकार उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम देश के प्रतिष्ठित और विशेषज्ञ वकीलों का एक पैनल बनाएंगे और इस मनमानी के खिलाफ लड़ेंगे।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा विधानसभा में भी उठाया जाएगा।
आम आदमी पार्टी (आप), कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल के कई नेताओं ने 28 अक्टूबर की अधिसूचना के माध्यम से पीयू की सीनेट और सिंडिकेट के पुनर्गठन के केंद्र के कदम का विरोध किया है।
अधिसूचना के जरिये पंजाब विश्वविद्यालय अधिनियम, 1947 में संशोधन किया गया है, जिससे सीनेट (शीर्ष शासी निकाय) के आकार को घटाकर 31 किया गया जबकि इसके कार्यकारी निकाय ‘सिंडिकेट’ के लिए चुनाव को समाप्त कर दिया गया है।
इससे पहले, मुख्यमंत्री मान ने पंजाब विश्वविद्यालय के शासी निकायों के पुनर्गठन के लिए केंद्र की आलोचना की थी और इस कदम को ‘‘असंवैधानिक’’ और ‘‘तानाशाही’’ करार दिया था।
भाषा शफीक नेत्रपाल
नेत्रपाल


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