धमकियों के कारण पंजाब के ग्रामीण ने की आत्महत्या : एनसीएससी अध्यक्ष का दावा

धमकियों के कारण पंजाब के ग्रामीण ने की आत्महत्या : एनसीएससी अध्यक्ष का दावा

धमकियों के कारण पंजाब के ग्रामीण ने की आत्महत्या : एनसीएससी अध्यक्ष का दावा
Modified Date: September 10, 2026 / 02:54 pm IST
Published Date: September 10, 2026 2:54 pm IST

चंडीगढ़, 10 सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) के अध्यक्ष किशोर मकवाना ने बृहस्पतिवार को पंजाब के उस दिहाड़ी मजदूर गुलजार सिंह के परिवार से मुलाकात की, जिसने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने दावा किया कि सिंह ने ‘‘धमकियां मिलने’’ के कारण यह कदम उठाया।

संगरूर जिले के दिरबा निवासी 47 वर्षीय दलित व्यक्ति सिंह की सात सितंबर की रात कथित तौर पर जहर खाने से मौत हो गई थी। उनके परिवार का कहना है कि छह सितंबर को दिरबा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने वित्त मंत्री हरपाल चीमा से इलाके में नशीले पदार्थों की आपूर्ति को लेकर सवाल किया था।

मकवाना ने सिंह के तुरनबंजारा गांव का दौरा किया और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

एनसीएससी अध्यक्ष ने कहा कि सिंह नशे के खिलाफ आवाज उठा रहे थे, क्योंकि इस बुराई के कारण कई युवाओं का जीवन बर्बाद हो रहा है। उन्होंने दावा किया, ‘‘गुलजार को धमकियां दी गईं और इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया।’’

मकवाना ने कहा कि सिंह के परिवार ने सुरक्षा मुहैया कराने और धमकी देने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

दिहाड़ी मजदूर सिंह के परिवार ने पहले आरोप लगाया था कि चीमा से सवाल पूछने के बाद उन्हें परेशान किया गया और जातिसूचक टिप्पणियां की गईं।

मंगलवार को एनसीएससी ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से सिंह की मौत के संबंध में पांच दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी।

सिंह के अंतिम क्षणों का कथित वीडियो सामने आया था, जिसमें वह चीमा से अपने क्षेत्र में नशीले पदार्थों की उपलब्धता को लेकर सवाल करते दिख रहे हैं। वीडियो में उन्होंने कहा था कि उनकी मौत के लिए सरपंच जिम्मेदार होगा और यह भी बताया था कि उनका बेटा भी नशे का सेवन करता है।

यह भावुक वीडियो वायरल होने के बाद विपक्षी दलों ने भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार को घेरा और मामले की जांच तथा चीमा के इस्तीफे की मांग की।

सिंह के परिवार की शिकायत के आधार पर पांच लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

भाषा मनीषा अविनाश

अविनाश


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