पुरी सम्मेलन में इस्कॉन की ‘असामयिक’ रथ यात्रा के खिलाफ वैश्विक अभियान का फैसला
पुरी सम्मेलन में इस्कॉन की 'असामयिक' रथ यात्रा के खिलाफ वैश्विक अभियान का फैसला
पुरी, पांच जनवरी (भाषा) ओडिशा के पुरी में आयोजित एक सम्मेलन में 24 से अधिक देशों के भगवान जगन्नाथ के भक्तों ने इस्कॉन द्वारा ‘असामयिक’ रथ यात्रा उत्सव के आयोजन के खिलाफ दुनिया भर में जागरूकता पैदा करने का निर्णय लिया है।
‘श्री जगन्नाथ चिंतन एवं चेतना वर्ल्डवाइड’ (एसजेसीसीडब्ल्यू) द्वारा आयोजित तीन दिवसीय वैश्विक सम्मेलन का रविवार को समापन हुआ। इसका उद्घाटन पुरी के शंकराचार्य ने किया था और पुरी के ‘गजपति महाराजा’ दिव्यसिंह देब ने इसे संबोधित किया।
एसजेसीसीडब्ल्यू के न्यासी भगवान पांडा ने कहा, ‘हम हिंदू शास्त्रों और पुराणों की परंपराओं से हटकर विदेशों में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के असामयिक आयोजन के खिलाफ जागरूकता पैदा करेंगे।’
जापान के प्रतिनिधि कालिंदी त्रिपाठी ने कहा कि किसी भी स्थान पर रथ यात्रा निकालने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन इसका आयोजन शास्त्रों के अनुसार ही होना चाहिए।
12वीं शताब्दी के जगन्नाथ मंदिर के प्रबंधन का इस मुद्दे पर वर्षों से मायापुर स्थित इस्कॉन के साथ विवाद चल रहा है। इस्कॉन ने पहले कहा था कि साजो-सामान संबंधी समस्याओं के कारण दुनिया भर में एक ही तिथि पर रथ यात्रा निकालना संभव नहीं है।
श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंधन समिति (एसजेटीएमसी) के अध्यक्ष दिव्यसिंह देब ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए इस्कॉन के ‘रवैये’ पर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा, ‘इस्कॉन ने विदेशों में शास्त्रों के अनुसार रथ यात्रा निकालने से इनकार कर दिया है। यह किसी भी सनातनी हिंदू को स्वीकार्य नहीं है।’
शास्त्रों के अनुसार, भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा प्रतिवर्ष आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि (जून-जुलाई) को आयोजित की जाती है।
भाषा सुमित मनीषा
मनीषा

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