पुरी, तीन सितंबर (भाषा) पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर शुक्रवार को जन्माष्टमी के अवसर पर एक विशेष अनुष्ठान के लिए पांच घंटे बंद रहेगा। इस दौरान भगवान जगन्नाथ स्वयं मातृ रूप में श्रीकृष्ण को जन्म देंगे।
मंदिर प्रशासन ने बृहस्पतिवार को जारी एक बयान में कहा कि चार सितंबर को शाम सात बजे से देर रात 12 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए भगवान के दर्शन बंद रहेंगे।
एक विशेषज्ञ के अनुसार, इसके एक दिन पहले भगवान जगन्नाथ को ‘जेउता भोग’ अर्पित किया जाता है। यह एक विशेष औषधीय भोजन होता है, जिसे प्रसव पीड़ा कम करने के लिए दिया जाता है।
एक स्कॉलर के अनुसार, भगवान जगन्नाथ को भगवान विष्णु के सभी 10 ‘अवतारों’ की माता माना जाता है, जिनमें श्रीकृष्ण, श्रीराम और भगवान बलराम भी शामिल हैं।
श्री जगन्नाथ संस्कृति के जानकार डॉ. भास्कर मिश्रा ने कहा, ‘श्रीराम नवमी से एक रात पहले और जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर भी भगवान को जेउता भोग अर्पित किया जाता है। उन्हें महाविष्णु, यानी परम भगवान के रूप में पूजा जाता है।’
मिश्रा ने बताया कि रात में मंदिर के मुख्य द्वार बंद किए जाने से पहले भगवान को जेउता भोग अर्पित किया जाता है।
भाषा तान्या रंजन
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