क्या राहुल गांधी के गुजरात दौरे से दूर होगा दो दशकों से जारी सत्ता का सूखा ?

क्या राहुल गांधी के गुजरात दौरे से दूर होगा दो दशकों से जारी सत्ता का सूखा ?

क्या राहुल गांधी के गुजरात दौरे से दूर होगा दो दशकों से जारी सत्ता का सूखा ?
Modified Date: November 29, 2022 / 08:08 pm IST
Published Date: September 25, 2017 10:52 am IST

 

गुजरात में पिछले दो दशकों से सत्ता का सूखा झेल रही कांग्रेस राहुल गांधी को उस अमृत वर्षा की तरह देख रही है जिससे सत्ता की हरियाली प्राप्त की जा सकती है। मोदी और अमित शाह जैसे करिश्माई चहरों का गांधीनगर से दिल्ली मंे जा बसना, पाटीदार आंदोलन और लंबे समय से सत्ता में परिवर्तन नहीं होने से उपजे असंतोष से कांग्रेस गुजरात माॅडल के नाम से देश में बनी मोदी लहर को तोड़ना चाहती है।

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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के गुजरात दौरे के सियासी मायने तो यही निकल रहे हैं। वहीं द्वारका में कृष्ण दर्शन कर अपने मिशन की शुरूआत करना कहीं न कहीं कांग्रेस की उस नीति को तोड़ते नजर आ रहा है जो किसी विशेष वर्ग को साधने के लिए किसी प्रदेश में इस तरह चुनावी बिगुल फूंकने से बचती रही है। मंदिर में पूजा के बाद रोड शो में राहुल गांधी ने मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल खड़ा करते हुए कहा की नरेंद्र मोदी देश की बेरोजगारी दूर करने आए थे लेकिन पहले नोटबंदी से फिर जीएसटी से छोटे कारोबारियों का धंधा चौपट कर दिया।

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मोदी बताएं की उन्होने अब तक कितने युवाओं को नौकरी दी है। उन्होंने आगे कहा कि मोदी सरकार के पास गरीबों के लिए कुछ नहीं लेकिन यदि गुजरात में कांग्रेस की सरकार बनती है तो ये गरीबों-किसानों और युवाओं की सरकार होगी।


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