Rahul Gandhi Speech: लोकसभा में राहुल का बयान… राजनाथ-अमित शाह का विरोध, आखिर संसद में इस किताब पर क्यों हुआ जोरदार हंगामा, जानिए पूरा मामला

Rahul Gandhi Speech: लोकसभा में राहुल का बयान... राजनाथ-अमित शाह का विरोध, आखिर संसद में इस किताब पर क्यों हुआ जोरदार हंगामा, जानिए पूरा मामला

Rahul Gandhi Speech: लोकसभा में राहुल का बयान… राजनाथ-अमित शाह का विरोध, आखिर संसद में इस किताब पर क्यों हुआ जोरदार हंगामा, जानिए पूरा मामला

Rahul Gandhi Speech/Image Source: ANI

Modified Date: February 2, 2026 / 04:41 pm IST
Published Date: February 2, 2026 4:36 pm IST
HIGHLIGHTS
  • लोकसभा में हंगामा
  • राहुल गांधी बनाम राजनाथ सिंह
  • एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब पर बहस

नई दिल्ली: Rahul Gandhi Speech:  लोकसभा के बजट सत्र के दौरान सोमवार को विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहस देखने को मिली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण के कथित अंशों वाले एक पत्रिका लेख का हवाला देते हुए भाषण देना शुरू किया लेकिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सत्ताधारी सांसदों ने इसे अवैध बताते हुए रोक दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के जवाब में राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत सेना प्रमुख नरवणे के संस्मरण के अंशों का हवाला देते हुए की। उन्होंने कहा कि यह अंश 2017 के डोकलाम गतिरोध से संबंधित है, जब चार चीनी टैंक भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर रहे थे और एक पहाड़ी पर कब्ज़ा करने की कोशिश कर रहे थे।

राहुल गांधी बनाम राजनाथ सिंह (Lok Sabha budget session 2026)

Rahul Gandhi Speech:  गांधी ने कहा कि सेना प्रमुख लिखते हैं, और मैं इसे एक पत्रिका के लेख से उद्धृत कर रहा हूँ। कृपया इसे ध्यान से सुनें। आपको समझ आएगा कि कौन देशभक्त है और कौन नहीं। हालांकि नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए) के सांसदों ने कहा कि यह संस्मरण अभी प्रकाशित नहीं हुआ है, इसलिए सदन में इसका हवाला देना नियमों के खिलाफ है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि लोकसभा में अप्रकाशित पुस्तक से उद्धरण देना मानदंडों के खिलाफ है और इसकी प्रामाणिकता प्रमाणित करनी होगी।

एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब पर बहस (Rahul Gandhi Lok Sabha speech)

Rahul Gandhi Speech:  लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी राहुल गांधी को सदन में संस्मरण पढ़ने से रोका। विपक्ष के सदस्य बार-बार अनुमति देने की मांग करते रहे, जबकि सत्ता पक्ष के सदस्य जोर देकर कह रहे थे कि सदन के नियमों के अनुसार अप्रकाशित सामग्री का हवाला नहीं दिया जा सकता। सदन में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि अध्यक्ष का आदेश है कि सदन में पत्रिकाओं या समाचार पत्रों के लेख का उद्धरण नहीं दिया जा सकता। बहस कानूनों के अनुसार होनी चाहिए। विवाद के बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि चीन से जुड़ा मामला संवेदनशील है और विपक्ष के नेता को बोलने की अनुमति दी जानी चाहिए।

लोकसभा में लगभग 30 मिनट तक गतिरोध बना रहा। इसके बाद सदन ने चर्चा के लिए 18 घंटे का समय निर्धारित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 फरवरी को और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 11 फरवरी को जवाब देंगी। बजट सत्र कुल 65 दिनों में 30 बैठकों तक चलेगा। दोनों सदन 13 फरवरी को अवकाश के लिए स्थगित होंगे और 9 मार्च को पुनः सत्र शुरू होगा ताकि स्थायी समितियां विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की अनुदान मांगों की जांच कर सकें।

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लेखक के बारे में

टिकेश वर्मा- जमीनी पत्रकारिता का भरोसेमंद चेहरा... टिकेश वर्मा यानी अनुभवी और समर्पित पत्रकार.. जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव हैं। राजनीति, जनसरोकार और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से सरकार से सवाल पूछता हूं। पेशेवर पत्रकारिता के अलावा फिल्में देखना, क्रिकेट खेलना और किताबें पढ़ना मुझे बेहद पसंद है। सादा जीवन, उच्च विचार के मानकों पर खरा उतरते हुए अब आपकी बात प्राथिकता के साथ रखेंगे.. क्योंकि सवाल आपका है।