ग्रामीण की आत्महत्या मामले में राहुल गांधी ने सही मुद्दा उठाया, आप बेनकाब हुई: वडिंग

ग्रामीण की आत्महत्या मामले में राहुल गांधी ने सही मुद्दा उठाया, आप बेनकाब हुई: वडिंग

ग्रामीण की आत्महत्या मामले में राहुल गांधी ने सही मुद्दा उठाया, आप बेनकाब हुई: वडिंग
Modified Date: September 9, 2026 / 08:11 pm IST
Published Date: September 9, 2026 8:11 pm IST

चंडीगढ़, नौ सितंबर (भाषा) कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने बुधवार को कहा कि नशे के मुद्दे पर राज्य सरकार की आलोचना को लेकर राहुल गांधी पर आम आदमी पार्टी (आप) नेतृत्व की प्रतिक्रिया से साबित होता है कि उन्होंने “बिल्कुल सही मुद्दे पर निशाना साधा है”।

एक बयान में वडिंग ने कहा कि यह “अच्छी बात है कि ‘आप’ को दर्द महसूस हुआ।” उन्होंने दावा किया कि पार्टी की प्रतिक्रिया से पता चलता है कि पंजाब में मादक पदार्थों की उपलब्धता को लेकर उठ रहे सवालों से उसका नेतृत्व असहज हो गया है।

संगरूर जिले के दिड़बा निवासी 47 वर्षीय गुलजार सिंह की सोमवार रात कथित तौर पर जहर खाने से मौत हो गई। उनके परिवार ने बताया कि उन्होंने छह सितंबर को दिड़बा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री हरपाल चीमा से इलाके में मादक पदार्थों की आपूर्ति को लेकर सवाल किया था।

बुधवार को राहुल गांधी ने कथित आत्महत्या मामले को लेकर आप सरकार पर निशाना साधा और मांग की कि मुख्यमंत्री भगवंत मान तुरंत चीमा से इस्तीफा लें तथा निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करें।

इसके जवाब में मान ने राहुल गांधी से कहा कि वह शवों पर राजनीति न करें। आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उनकी पार्टी नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने राज्य में नशे की समस्या के लिए पिछली शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस सरकारों को जिम्मेदार ठहराया।

सत्तारूढ़ दल पर निशाना साधते हुए वडिंग ने कहा, “आप ने आत्म-प्रशंसा की बेशर्मी भरी कला में महारत हासिल कर ली है। इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि वह बेशर्मी से पंजाब में नशे को खत्म करने का दावा करती है, जबकि यहां मादक पदार्थ नमक की तरह आसानी से उपलब्ध है।”

कांग्रेस नेता ने कहा कि आप सरकार के बार-बार यह दावा करने के बावजूद कि पंजाब में नशे की समस्या पर नियंत्रण पा लिया गया है, राज्य में जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग बनी हुई है।

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे का समाधान केवल राजनीतिक बयानों या प्रचार अभियानों से नहीं किया जा सकता। पंजाब में मादक पदार्थों की लगातार उपलब्धता ने सरकार के नशा विरोधी अभियान की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

वडिंग ने कहा कि गांधी ने उस मुद्दे पर सवाल उठाए हैं, जो सीधे तौर पर पंजाब के युवाओं और परिवारों को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि आप की नाराजगी भरी प्रतिक्रिया सवालों के जवाब का विकल्प नहीं हो सकती।

उन्होंने कहा कि गांधी की टिप्पणी पर आप नेतृत्व की प्रतिक्रिया से साबित होता है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता ने राज्य सरकार के नशे की समस्या को लेकर किए जा रहे दावों को उजागर कर “बिल्कुल सही मुद्दे पर निशाना साधा है।”

वडिंग ने आरोप लगाया, “अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान जैसे आप नेताओं में पंजाब में नशे की समस्या को लेकर इतनी बेशर्मी से झूठ बोलने की हिम्मत है कि राज्य में जारी नशे की समस्या पर सवाल उठाने वाले लोगों को वे जेल में डाल देते हैं और उन्हें अपनी जान देने के लिए मजबूर कर देते हैं।”

उन्होंने कहा कि सिंह की मौत ने इस बात पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि राज्य सरकार अपने दावों और नीतियों पर सवाल उठाने वालों के साथ किस तरह का व्यवहार कर रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि नशे की समस्या को लेकर उठाए जा रहे जायज सवालों का जवाब देने के बजाय सरकार अपने आलोचकों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।

वडिंग ने कहा, “आप सरकार पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है और अब उसके पास बचाव का कोई रास्ता नहीं है। उसके नेता चाहे जितना झूठ बोल लें, गुलजार सिंह की आत्महत्या न केवल उसे परेशान करती रहेगी, बल्कि यह उसके ताबूत में आखिरी कील साबित होगी।”

उन्होंने कहा कि पंजाब से नशे को खत्म करने के आप सरकार के दावों का आकलन राजनीतिक बयानों के आधार पर नहीं, बल्कि जमीनी स्थिति के आधार पर किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार के दावों और मादक पदार्थों की लगातार उपलब्धता संबंधी खबरों के बीच विरोधाभास ने नशे की समस्या से निपटने में आप सरकार की “नाकामी” को उजागर कर दिया है।

वडिंग ने कहा कि पंजाब के लोगों को नशे की समस्या को लेकर सरकार से पारदर्शिता और जवाबदेही की उम्मीद है।

भाषा तान्या नरेश

नरेश


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