रेलवे बोर्ड ने पर्यावरण संबंधी गतिविधियों के क्रियान्वयन में तेजी लाने का निर्देश दिया

रेलवे बोर्ड ने पर्यावरण संबंधी गतिविधियों के क्रियान्वयन में तेजी लाने का निर्देश दिया

रेलवे बोर्ड ने पर्यावरण संबंधी गतिविधियों के क्रियान्वयन में तेजी लाने का निर्देश दिया
Modified Date: May 14, 2026 / 07:46 pm IST
Published Date: May 14, 2026 7:46 pm IST

नयी दिल्ली, 14 मई (भाषा) पर्यावरण संबंधी गतिविधियों के क्रियान्वयन की धीमी गति पर चिंता व्यक्त करते हुए, रेलवे बोर्ड ने बृहस्पतिवार को सभी जोन को ऐसी परियोजनाओं को समयबद्ध और प्रभावी तरीके से लागू करने का निर्देश दिया।

सभी जोन और उत्पादन इकाइयों के महाप्रबंधकों को संबोधित एक पत्र में, बोर्ड ने कहा कि भारतीय रेलवे ने ‘‘2030 तक शून्य कार्बन उत्सर्जक’’ बनने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जो पेरिस समझौते के तहत राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान के तहत भारत के अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का हिस्सा है।

पत्र में कहा गया, ‘‘यह देखा गया है कि भारतीय रेल में पर्यावरण संबंधी गतिविधियों की प्रगति बहुत धीमी है। आईआरपीएसएम (भारतीय रेलवे परियोजना स्वीकृति एवं प्रबंधन) पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अब तक केवल लगभग 22 प्रतिशत कार्यों को ही मंजूरी दी गई है।’’

पिछले साल अप्रैल में, बोर्ड ने सभी रेलवे जोन और उत्पादन इकाइयों को विभिन्न पर्यावरणीय स्थिरता पहल को शुरू करने के लिए 750 करोड़ रुपये का कोष आवंटित किया था। हालांकि, वे समय पर परियोजना निष्पादन के संबंध में बोर्ड के निर्देशों का पालन करने में विफल रहे।

कोष का वितरण प्रत्येक जोन या उत्पादन इकाई को 20 लाख रुपये से लेकर 45 लाख रुपये तक था, जो उन्हें सौंपी गई पहल की संख्या पर आधारित था।

पत्र में कहा गया है, ‘‘भारतीय रेलवे में पर्यावरण प्रबंधन, अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण, ऊर्जा दक्षता, प्रदूषण नियंत्रण और अन्य सतत विकास पहलों से संबंधित उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए ऐसे कार्यों की समयबद्ध स्वीकृति और क्रियान्वयन आवश्यक है।’’

भाषा शफीक प्रशांत

प्रशांत


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