रेलवे ने 12 साल में चिनाब रेल पुल, 99.6 प्रतिशत विद्युतीकरण सहित कई उपलब्धि हासिल की: सरकार

रेलवे ने 12 साल में चिनाब रेल पुल, 99.6 प्रतिशत विद्युतीकरण सहित कई उपलब्धि हासिल की: सरकार

रेलवे ने 12 साल में चिनाब रेल पुल, 99.6 प्रतिशत विद्युतीकरण सहित कई उपलब्धि हासिल की: सरकार
Modified Date: June 10, 2026 / 09:28 pm IST
Published Date: June 10, 2026 9:28 pm IST

नयी दिल्ली, 10 जून (भाषा) राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने केंद्र में अपने 12 साल के कार्यकाल में रेलवे द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए बुधवार को कहा कि इस अवधि में चिनाब नदी पर दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल का निर्माण कार्य पूरा हुआ, पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाई गई और बड़ी लाइन के 99.6 प्रतिशत हिस्से का विद्युतीकरण किया गया।

इस मौके पर सरकार की ओर से जारी एक पुस्तिका में देश भर में रेल अवसंरचना के क्षेत्र में कई अहम विकास कार्यों का ज़िक्र किया है।

सरकार ने रेलवे की बड़ी लाइन नेटवर्क के 99.6 प्रतिशत हिस्से के विद्युतीकरण का ज़िक्र करते हुए कहा कि यह उपलब्धि देश की सतत परिवहन और आर्थिक विकास की रणनीति का एक अहम आधार है। इस उपलब्धि के कारण भारत दुनिया के सबसे ज्यादा विद्युतीकृत रेल प्रणाली वाले देशों में से एक बन गया है।

पुस्तिका में कहा गया है कि इस पहल से कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिली है।

इसमें कहा गया कि 2025-26 में रेलवे ने 741 करोड़ यात्रियों को सेवा दी और वंदे भारत, नमो भारत और तेजस जैसी ट्रेन सेवाओं की शुरुआत से राष्ट्रीय क्षमता बढ़ाई गई है।

सरकार ने कहा कि रेल मंत्रालय की कई पहल की वजह से टिकट पाना आसान हो गया है।

इसमें दावा किया गया है कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शानदार शुरुआत के बाद, पहले तीन महीनों में 1.2 लाख से ज़्यादा यात्रियों ने इस सेवा का लाभ उठाया और इस ट्रेन में एक भी सीट खाली नहीं गई।

चिनाब नदी की सतह से 359 मीटर की ऊंचाई पर बने दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल के निर्माण के संबंध में सरकार ने कहा कि यह ढांचा इंजीनियरिंग का एक बेहतरीन नमूना है जो भारत की तकनीकी क्षमता को प्रदर्शित करता है।

पुस्तिका में रेखांकित किया गया कि यह पुल पेरिस के एफिल टॉवर से भी 35 मीटर ऊंचा है।

इसमें कहा गया कि रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ)की मदद से बनाया गया भारत का पहला विस्फोट-रोधी रेलवे पुल, जम्मू और श्रीनगर के बीच सीधे रेल संपर्क को आसान बनाता है, जिससे यात्रा का समय काफी कम हो गया है।

सरकार ने अंजी खड्ड ब्रिज का भी ज़िक्र किया, जो भारत का पहला केबल आधारित रेलवे पुल है। यह जम्मू-श्रीनगर मार्ग पर है और उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक के कटरा-बनिहाल खंड में एक अहम कड़ी का काम करता है।

इसमें कहा गया है, ‘‘जम्मू से लगभग 80 किलोमीटर दूर स्थित यह पुल अंजी नदी घाटी से 331 मीटर ऊपर बना है।’’

सरकार के अनुसार, 2014 के बाद से 36,000 किलोमीटर नयी रेल पटरियां बिछाई गई हैं और 484 किलोमीटर लंबी सुरंगें बनाई गई हैं, जबकि 2014 से पहले केवल 125 किलोमीटर सुरंगें ही बनी थीं।

सरकार ने भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना के बारे में कहा कि 508 किलोमीटर लंबी मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना निर्माणाधीन है। यह मार्ग गुजरात, महाराष्ट्र और दादरा-नगर हवेली और दमन-दीव से होकर गुजरेगा। सरकार ने यह भी बताया कि परियोजना के 12 स्टेशन में से आठ पर नींव का काम पूरा हो चुका है।

सरकार ने कहा कि 97 किलोमीटर लंबे सूरत-वापी खंड पर नदी पुलों समेत सभी निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि लगभग 21 किलोमीटर लंबी समुद्र के नीचे की सुरंग का भी करीब पांच किलोमीटर खंड का काम पूरा हो गया है।

रेलवे से जुड़ी शिकायतों के तेज़ी से समाधान के बारे में पुस्तिका में कहा गया, ‘‘139 हेल्पलाइन, मोबाइल एप्लिकेशन और एसएमएस सेवाओं के जरिए शिकायतों के समाधान का औसत समय घटकर महज 20-25 मिनट रह गया है।’’

सरकार ने रेलवे टिकट बुकिंग में पारदर्शिता को रेखांकित करते हुए बताया कि 3.02 करोड़ संदिग्ध ‘यूजर आईडी’ को निष्क्रिय किया गया है, जिससे वास्तविक यात्रियों के लिए टिकट की उपलब्धता बेहतर हुई है।

सरकार ने पूर्वोत्तर में रेल अवसंरचना के विकास के लिए अपनी पहलों का ज़िक्र करते हुए बताया कि इस क्षेत्र में 4,170 किलोमीटर से ज़्यादा रेल मार्गों का विद्युतीकरण किया गया है, जिससे 96 प्रतिशत से ज़्यादा विद्युतीकरण का लक्ष्य हासिल हो गया है।

पुस्तिका के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नगालैंड, त्रिपुरा और मिजोरम में रेलवे का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण कार्य पूरा हो चुका है। इसके अलावा, 2014 से अबतक पूर्वोत्तर रेलवे में 95,000 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।

सरकार ने 2022 में मणिपुर के लिए पहली मालगाड़ी, 2023 में मेघालय के लिए पहली मालगाड़ी और 2025 में मिजोरम के लिए पहली यात्री ट्रेन के संचालन को ऐतिहासिक उपलब्धियां बताया है।

भाषा धीरज सुभाष

सुभाष


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