जयपुर, 18 फरवरी (भाषा) राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी के एक विधायक ने राज्य के आगामी वित्त वर्ष के बजट पर चर्चा के दौरान मौजूदा सरकार के बजट की तुलना ‘छोरे के जन्म’ से और पिछली कांग्रेस सरकार के अंतिम बजट की तुलना ‘छोरी के जन्म’ से करके राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया।
वैर विधानसभा सीट से विधायक बहादुर सिंह कोली ने चर्चा के दौरान कहा, ‘‘हमारा जवानी का बजट है, इनका बुढ़ापे का बजट था जो चुनाव से पहले आया था।’’
अपनी सरकार के बजट की सराहना करते हुए उन्होंने आगे कहा, ‘‘हमारी सरकार ने अपने पहले ही बजट में छोरा पैदा किया, दूसरे बजट में भी छोरा पैदा किया अब तीसरे बजट में भी छोरा पैदा किया। जो जवानी में छोरा पैदा करता है वह हमेशा काम आता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने आखिरी बजट में घोषणाएं कीं तो वहां छोरी पैदा हुई, वहां छोरा पैदा नहीं हुआ। इसलिए वे आज विपक्ष में बैठे हुए हैं।’’
विधायक की इस टिप्पणी पर कांग्रेस के विधायकों ने मंगलवार को आपत्ति जताई। नेता प्रतिपक्ष टीका राम जूली ने बयान की आलोचना करते हुए इसे भेदभावपूर्ण और शर्मनाक बताया। जूली ने कहा, ’16 फरवरी को आपके विधायक ने बजट पर बोलते हुए इसकी तुलना बेटे-बेटी से की। क्या इसी महिला सम्मान की बात आप करते हैं? इस बात पर आप (सत्ता पक्ष) सब लोग बैठे बैठे हंस रहे थे। यह आपकी सोच है महिलाओं के प्रति?’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं भी दो बेटियों की बाप हूं। कल एक बच्ची को विदा किया है। बेटा व बेटी में फर्क करते हैं आप लोग? यही स्थिति है आप लोगों की?’’
उन्होंने कहा कि सदन में बेटियों को बेटों की तुलना में कमजोर बताया जाना शर्मनाक है।
बाद में, अपने बयान का बचाव करते हुए कोली ने संवाददाताओं से कहा, ‘इसमें क्या गलत है? यह हमारी ब्रजभाषा है।’
जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि उनकी बातें गलत थीं, तो उन्होंने जवाब दिया, ‘बयान में क्या गलत था? मैंने कहा था कि अच्छा बजट पेश किया गया है; कि छोरा पैदा हुआ है।’
उन्होंने आगे कहा, ‘उन्होंने जनता को बेवकूफ बनाने के लिए चुनाव से पहले लोकलुभावन बजट पेश किया जो लड़की के जन्म जैसा है।’
भाषा पृथ्वी
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