भोपाल, 18 फरवरी (भाषा) मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल 4,38,317 करोड़ रुपये का बजट बुधवार को पेश किया।
देवड़ा ने विपक्ष की टोका-टोकी और व्यवधानों के बीच यह बजट पेश किया। इस दौरान कांग्रेस के सदस्यों ने राज्य के लोगों पर बढ़ते कर्ज के बोझ पर चिंता जताई और नारेबाजी की।
इससे पहले मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि 2026-27 का बजट कई मायनों में ऐतिहासिक है और सबको साथ लेकर कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने के संकल्प का मॉडल है।
उन्होंने कहा कि यह बजट गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं के कल्याण के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए समर्पित है।
बजट पेश किए जाने से पहले विपक्ष के नेता उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक सरकार की आर्थिक नीतियों के विरोध में नारे लिखी तख्तियां लेकर विधानमंडल परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने पहुंचे।
सिंघार ने दावा किया कि बजट सत्र से पहले ही सरकार द्वारा 5,600 करोड़ रुपये का उधार इस बात का संकेत है कि राज्य कर्ज के बोझ तले दबा जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य पर कुल कर्ज बजट से भी अधिक हो चुका है।
सिंघार ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार कर्ज लिए जा रही है, मध्यप्रदेश के हर वर्ग की कमर टूट गई है और सरकार ने प्रदेश की पीठ पर पांच लाख करोड़ से अधिक का कर्ज लाद दिया है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ‘‘ यह कोई गुल्लक नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता की तिजोरी है जिसे सरकार और उसके मंत्री डकार गए हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ पूरा प्रदेश महंगाई और कर्ज के भारी बोझ तले दब गया है, आम आदमी की कमर टूट चुकी है।’’
भाषा ब्रजेन्द्र निहारिका
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