जयपुर, 13 मई (भाषा) राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट)-स्नातक (यूजी) 2026 को कथित प्रश्न पत्र लीक के कारण रद्द किए जाने के बाद बुधवार को राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि इस फैसले से लाखों बच्चों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
सीकर, उदयपुर और पाली सहित कई जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पुतले फूंके गए और उनके इस्तीफे की मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि कथित अनियमितताओं और परीक्षा रद्द होने से उन अभ्यर्थियों को गहरा झटका लगा है, जिन्होंने ईमानदारी से तैयारी की थी।
कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि परीक्षा रद्द होने से परिवारों को आर्थिक नुकसान हुआ है और विद्यार्थियों की मेहनत पर पानी फिर गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अधीन काम करने वाली एनटीए की कार्यप्रणाली पहले भी संदेह के घेरे में रही है और प्रश्न पत्र लीक के कारण कई परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी हैं।
डोटासरा ने कहा कि परीक्षा के सुचारु संचालन की जिम्मेदारी राजस्थान सरकार की भी थी लेकिन इस मामले में लापरवाही बरती गई।
उन्होंने बताया कि विरोध स्वरूप कांग्रेस ने राज्यभर के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया।
इस बीच, राजस्थान के नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने घटना पर खेद जताते हुए कहा कि परीक्षा रद्द होने से मेहनती विद्यार्थियों को नुकसान उठाना पड़ा।
खर्रा ने झुंझुनूं दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पिछले साल और इस वर्ष प्रश्न पत्र लीक की घटनाएं सामने आई हैं।
उन्होंने बताया कि मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई है।
खर्रा ने कहा, “जिन विद्यार्थियों ने ईमानदारी से तैयारी की है, उन्हें प्रश्न पत्र लीक से सबसे अधिक नुकसान हुआ है। परीक्षा अगले दो-तीन महीनों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोबारा की जाएगी।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुनर्परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
खर्रा ने असुविधा के लिए माफी मांगते हुए कहा कि वह यह खेद न केवल व्यक्तिगत स्तर पर बल्कि केंद्र और राजस्थान सरकार की ओर से भी व्यक्त कर रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, कथित प्रश्न पत्र लीक मामले की जांच जारी है।
भाषा बाकोलिया जितेंद्र
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