राजस्थान: अदालत ने याचिकाओं से ‘महाराज’ व ‘राजकुमारी’ उपसर्ग हटाने का निर्देश दिया
राजस्थान: अदालत ने याचिकाओं से ‘महाराज’ व ‘राजकुमारी’ उपसर्ग हटाने का निर्देश दिया
जयपुर, छह अक्टूबर (भाषा) राजस्थान उच्च न्यायालय ने जयपुर के पूर्व राजघराने के वंशजों को अपनी लंबित याचिकाओं से ‘महाराज’ और ‘राजकुमारी’ उपसर्ग हटाने का निर्देश दिया।
अदालत ने चेतावनी दी कि अगर 13 अक्टूबर तक यह सुधार नहीं किया गया तो मुकदमा खारिज कर दिया जाएगा।
न्यायमूर्ति महेंद्र कुमार गोयल की एकल पीठ ने पिछले सप्ताह गृहकर लगाने से संबंधित 24 साल पुराने एक मामले में यह आदेश दिया।
यह मामला जयपुर के पूर्व राजघराने के दिवंगत जगत सिंह और पृथ्वीराज सिंह के कानूनी उत्तराधिकारियों द्वारा दायर किया गया था।
अदालत ने वाद शीर्षक में शाही सम्मानसूचक शब्दों के उपयोग पर आपत्ति जताई और याचिकाकर्ताओं को संशोधित दस्तावेज दाखिल करने का निर्देश दिया।
न्यायालय ने कहा कि अगर अगली सुनवाई से पहले आदेश का पालन नहीं किया गया तो मामला ‘अदालत को संदर्भित किए बिना खारिज समझा जाएगा’।
अदालत ने अपनी टिप्पणी में संविधान के अनुच्छेद 363ए का हवाला दिया, जिसके तहत पूर्व राजपरिवारों के ‘प्रिवी पर्स’ और विशेषाधिकारों को समाप्त कर दिया था।
पीठ ने साथ ही अनुच्छेद 14 का जिक्र किया, जो सभी नागरिकों को समानता की गारंटी देता है।
पीठ ने कहा कि अब कोई भी ऐसी उपाधियों का दावा या उपयोग नहीं कर सकता।
भाषा सं पृथ्वी जितेंद्र
जितेंद्र

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