राजस्थान शिक्षा विभाग ने विवाद के चलते सार्थक नाम अभियान’ लिया वापस
राजस्थान शिक्षा विभाग ने विवाद के चलते सार्थक नाम अभियान’ लिया वापस
यपुर, 20 अप्रैल (भाषा) राजस्थान स्कूल शिक्षा विभाग ने हाल में शुरू किए गए ‘सार्थक नामक अभियान’ को विवाद के चलते वापस ले लिया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फिलहाल अभियान स्थगित कर दिया गया है।
उन्होंने कहा, “अभियान को रोक दिया गया है। हम समीक्षा करेंगे कि इसे आगे लागू किया जा सकता है या नहीं।”
यह पहल 14 अप्रैल को शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य पहली से 9वीं कक्षाओं तक के उन विद्यार्थियों को “अर्थपूर्ण” नाम सुझाना था, जिन्हें बचपन में “असहज” नाम दे दिए गए थे।
इस प्रक्रिया के तहत विभाग ने लड़कों और लड़कियों के लिए लगभग 2,950 नामों की सूची जारी की थी। यह पूरी तरह स्वैच्छिक था और स्कूलों को अभिभावक-शिक्षक बैठकों में इस पर चर्चा कर अभिभावकों की लिखित सहमति लेने के बाद ही नाम बदलने थे।
आदेश में कहा गया था कि पहली से 9वीं कक्षाओं तक के विद्यार्थी इस अभियान का हिस्सा होंगे, लेकिन उच्च कक्षाओं के विद्यार्थियों के नाम परिवर्तन भी पूर्ववर्ती अंकपत्रों में परिलक्षित होंगे।
हालांकि, इस कदम की आलोचना तब शुरू हुई जब सूची में शामिल कई नाम स्वयं “असामान्य” या “अनुचित” माने गए।
लड़कों के लिए सुझाए गए नामों में “आमोद”, “भोला”, “मक्खन”, “ठाणासिंह”, “बीकानेर”, “बेचरा दास”, “मथुरा” और “उग्रसेन” शामिल थे।
लड़कियों के लिए “भयंकर”, “कलियुग”, “कामकोटि”, “ललाटा” और “मोदकी” जैसे नाम सुझाए गए थे।
सूची में कई नामों की पुनरावृत्ति भी थी।
अधिकारियों ने कहा कि अभियान के भविष्य पर निर्णय समीक्षा के बाद लिया जाएगा।
भाषा बाकोलिया राजकुमार
राजकुमार

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