अशांत घोषित क्षेत्रों में स्थायी निवासियों की संपत्तियों की रक्षा के लिए विधेयक लाएगी राजस्थान सरकार

अशांत घोषित क्षेत्रों में स्थायी निवासियों की संपत्तियों की रक्षा के लिए विधेयक लाएगी राजस्थान सरकार

अशांत घोषित क्षेत्रों में स्थायी निवासियों की संपत्तियों की रक्षा के लिए विधेयक लाएगी राजस्थान सरकार
Modified Date: January 21, 2026 / 04:54 pm IST
Published Date: January 21, 2026 4:54 pm IST

जयपुर, 21 जनवरी (भाषा) राजस्थान मंत्रिमंडल की बैठक बुधवार को यहां हुई जिसमें अशांत घोषित क्षेत्रों में स्थायी निवासियों की सम्पत्तियों एवं किरायेदारों के अधिकारों के संरक्षण के लिए विधेयक लाने, एयरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण तथा सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में नई नीतियों के अनुमोदन सहित कई महत्वपूर्ण फैसले किए गए।

संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया मंत्रिमंडल की बैठक में ‘राजस्थान प्रोहिबिशन ऑफ ट्रांसफर ऑफ इम्मूवेबल प्रोपर्टी एण्ड प्रोविजन फोर प्रोटेक्शन ऑफ टेनेन्ट्स फ्रॉम एविक्शन फ्रॉम प्रिमाइसेज इन डिस्टर्ब्ड एरियाज बिल, 2026’ के प्रारूप को मंजूरी दी गई।

पटेल ने बताया, “जनसंख्या असंतुलन की स्थिति बनने से सार्वजनिक व्यवस्था, सद्भाव एवं मेलजोल से रहने के सामुदायिक चरित्र पर प्रभाव पड़ता है। ऐसे क्षेत्रों में दंगे, भीड़ द्वारा हिंसा से अशांति की परिस्थिति उत्पन्न होने पर उस क्षेत्र के स्थायी निवासियों को अपनी स्थायी सम्पतियां कम दामों पर बेचने को मजबूर होना पड़ता है।”

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मंत्री ने कहा कि ऐसे क्षेत्र विशेष को अशांत क्षेत्र घोषित किए जाने के बाद सक्षम प्राधिकारी की पूर्वानुमति के बिना वहां अचल संपत्ति के हस्तांतरण को अमान्य एवं शून्य माना जाएगा।

उन्होंने बताया कि विधेयक लागू होने के बाद ऐसे क्षेत्रों में सक्षम प्राधिकारी की पूर्वानुमति से ही अचल संपत्ति का हस्तांतरण इच्छुक व्यक्तियों द्वारा किया जा सकेगा।

मंत्री ने कहा कि विधेयक के इन प्रावधानों का उल्लंघन करने पर अपराध गैर जमानती और संज्ञेय होगा जिसमें तीन से पांच वर्ष तक कारावास और अर्थदंड का प्रावधान होगा।

पटेल ने बताया, “इस विधेयक के पारित होने के बाद राज्य में अशांत घोषित क्षेत्रों में स्थाई निवासियों की सम्पत्तियों एवं उक्त सम्पत्तियों पर किरायेदारों के अधिकारों को संरक्षण प्रदान किया जा सकेगा। साथ ही, राज्य में सामुदायिक सद्भावना एवं सामाजिक संरचना कायम रखी जा सकेगी। इस विधेयक को अब विधानसभा के आगामी सत्र में रखा जाएगा।”

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने बताया कि राज्य में रक्षा तथा अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को प्रोत्साहन देने के साथ ही राजस्थान को एयरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र बनाने के उद्देश्य से ‘राजस्थान एयरोस्पेस एवं रक्षा नीति’ का अनुमोदन किया गया है।

उनके मुताबिक, एमएसएमई, स्टार्टअप और नवाचार आधारित तंत्र के विकास पर केन्द्रित इस नीति के अंतर्गत राज्य में एयरोस्पेस एवं रक्षा क्षेत्र के विनिर्माण उद्यमों, उपकरण एवं घटक निर्माताओं, आपूर्तिकर्ताओं, रखरखाव और मरम्मत समेत अन्य संबंधित इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि कैबिनेट द्वारा अनुमोदित राजस्थान की पहली राजस्थान सेमीकंडक्टर नीति राज्य को सेमीकंडक्टर विनिर्माण, डिजाइन, पैकेजिंग तथा संबद्ध इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में देश का प्रमुख गंतव्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

राठौड़ के मुताबिक, यह नीति निवेशकों को आकर्षित कर सेमीकंडक्टर क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देगी और उच्च तकनीक आधारित रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी।

उन्होंने बताया कि इस नीति का प्रमुख उद्देश्य सेमीकंडक्टर और सेंसर के क्षेत्रों में निवेश को आकर्षित करना, विश्व-स्तरीय सेमीकंडक्टर पार्कों का विकास करना तथा फैबलेस डिजाइन तंत्र को सशक्त बनाना है।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि बीकानेर तहसील के ग्राम लाखूसर में 72.06 हेक्टेयर भूमि एवं जैसलमेर जिले की उपनिवेशन तहसील रामगढ़ नं.2 के ग्राम रामगढ़ उत्तर में 745.41 हेक्टेयर भूमि सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए सशर्त आवंटित करने की स्वीकृति दी गई है।

भाषा पृथ्वी नोमान

नोमान


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