जयपुर, 17 जुलाई (भाषा) राजस्थान के जालोर जिले के किसानों ने शुक्रवार को क्षेत्र में पेयजल और सिंचाई जल संकट दूर करने के लिए नर्मदा नहर का अतिरिक्त पानी बांडी नदी में छोड़े जाने की मांग की। किसानों ने मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
‘बांडी नदी बचाओ संघर्ष समिति’ के बैनर तले किसानों और ग्रामीणों ने इस संबंध में भीनमाल के उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पांच प्रमुख मांगें रखी गई हैं, जिनमें बांडी नदी में नर्मदा नहर का अतिरिक्त पानी छोड़ना, सिणधरा बांध की ऊंचाई कम करना और क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति सुधारने के लिए तत्काल कदम उठाना शामिल है।
समिति का दावा है कि वर्ष 2006 में सिणधरा बांध के निर्माण के बाद नदी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो गया, जिससे बांडी नदी बेसिन के करीब 120 गांवों में जल संकट गहरा गया है।
समिति के संयोजक और किसान नेता श्रवण सिंह राठौड़ ने आरोप लगाया कि पिछले दो दशकों में बांध कई बार भर चुका है, लेकिन इसके पानी का उपयोग न तो सिंचाई के लिए किया गया और न ही पेयजल आपूर्ति के लिए।
उन्होंने दावा किया कि बांध के निचले इलाकों (डाउनस्ट्रीम) के गांवों में भूजल स्तर में लगातार गिरावट आई है, जिससे जल संकट बढ़ा है और खेती तथा पशुपालन प्रभावित हुए हैं।
ज्ञापन में राज्य सरकार से आग्रह किया गया है कि मानसून के चार महीनों के दौरान नर्मदा नहर का ‘असंसाधित’ पानी बांडी नदी में छोड़ा जाए, ताकि क्षेत्र में जल उपलब्धता में सुधार हो सके।
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पृथ्वी रवि कांत