राजस्थान: मानवाधिकार आयोग ने उदयपुर हादसे का स्वत: संज्ञान लिया, रिपोर्ट मांगी
राजस्थान: मानवाधिकार आयोग ने उदयपुर हादसे का स्वत: संज्ञान लिया, रिपोर्ट मांगी
जयपुर, 21 अप्रैल (भाषा) राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने उदयपुर के निजी स्कूल में हुए उस हादसे का स्वतः संज्ञान लिया है जिसमें खंभा (पोल) गिरने से आठ साल के एक छात्र की मौत हो गई थी।
आयोग ने विद्यालयों में खेल के बुनियादी ढांचे की राज्यव्यापी सुरक्षा संरक्षा करने के निर्देश भी जारी किए।
आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति जी.आर. मूलचंदानी ने इस घटना को ‘बेहद दुखद’ बताया और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विस्तृत निर्देश जारी किए।
यह घटना सोमवार को उदयपुर के गोवर्धन विलास इलाके में एक निजी स्कूल में हुई जहां अपने माता-पिता का इकलौता बेटा खेल के मैदान में खेल रहा था तभी हैंडबॉल का खंभा (पोल) गिर गया जिससे उसे जानलेवा चोटें आईं।
आयोग के अध्यक्ष ने आदेश में कहा, ‘घटना दर्दनाक है। खेल सचिव (खेल एवं युवा मामलात- राजस्थान सरकार) को निर्देशित किया जाता है कि वे इस प्रकृति की घटना को रोकने के लिए सभी विद्यालयों को एक परिपत्र जारी करके, छात्रों की सुरक्षा हेतु स्कूल प्रांगण में लगे, खेल उपकरणों, जालियों, पोल, खम्भों आदि -आदि की जांच करके, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करें जिससे अबोध छात्र, खेलने के भ्रम में अपनी जान नहीं गंवायें।’’
उन्होंने कहा, ‘‘समस्त जिला मजिस्ट्रेटों से भी इस प्रकृति की अपेक्षा की जाती है और खेल सचिव से ये आग्रह है कि वे सभी जिला मजिस्ट्रेटों को इस हेतु पाबंद करें। आज का बच्चा कल का उत्तरदायी नागरिक है अतः उनके उचित सुरक्षित जीवन की जिम्मेदारी पूरे समाज पर बनती है।’’
उन्होंने कहा है कि उदयपुर के जिला मजिस्ट्रेट, माध्यमिक शिक्षा निदेशक, प्राथमिक शिक्षा निदेशक, जिला पुलिस अधीक्षक, सम्भागीय आयुक्त को निर्देशित किया जाता है कि वे अपने-अपने स्तर पर, वहां स्थित सभी विद्यालयों की सुरक्षात्मक जांच करते हुए, स्कूल अध्ययन के दौरान, छात्रों की खेल के दौरान, सुरक्षा एवं संरक्षा सुनिश्चित करें तथा घटना का सम्पूर्ण ब्यौरा एवं तथ्यात्मक रिपोर्ट आयोग को अविलम्ब पेश करें।
उन्होंने कहा कि इसके साथ ही उदयपुर के संभागीय आयुक्त व जिला मजिस्ट्रेट से भी अपेक्षा की गई है कि प्रभावित परिजनों को यथेष्ट एवं विधायी निर्दिष्ट क्षतिपूर्ति राशि प्रदान करने की व्यवस्था करें और इससे आयोग को सूचित करें।
भाषा पृथ्वी अमित
अमित

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