राजस्थान में चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने में बरती जाए पूरी सख्ती: दिलावर

राजस्थान में चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने में बरती जाए पूरी सख्ती: दिलावर

राजस्थान में चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने में बरती जाए पूरी सख्ती: दिलावर
Modified Date: July 28, 2026 / 05:24 pm IST
Published Date: July 28, 2026 5:24 pm IST

जयपुर, 28 जुलाई (भाषा) राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने अधिकारियों को चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और चारागाह विकास समितियों का पुनर्गठन करने के निर्देश दिए।

दिलावर ने मंगलवार को यहां आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए।

बैठक में वर्ष 2024-25, 2025-26 और 2026-27 की बजट घोषणाओं, स्वामित्व योजना तथा विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू समुदायों को आवासीय पट्टे वितरित करने की प्रगति की समीक्षा की गई।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, बैठक में दिलावर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित बजट घोषणाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्य की नियमित निगरानी की जाए और प्रक्रियाधीन मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाए।

दिलावर ने कहा कि सरकार की प्रत्येक बजट घोषणा आमजन से किया गया संकल्प है, इसलिए सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं।

मंत्री ने चारागाह भूमि पर बढ़ते अतिक्रमणों पर चिंता जताते हुए कहा कि चारागाह सार्वजनिक संपत्ति है और इसकी सुरक्षा हर स्तर पर सुनिश्चित की जानी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश में चिन्हित 200 बड़े अतिक्रमणकारियों के खिलाफ तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने तथा आवश्यकता पड़ने पर प्राथमिकी दर्ज कर कानून के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

दिलावर ने कहा कि कई स्थानों पर चारागाह भूमि पर अवैध कब्जे किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि अगर चारागाह भूमि समाप्त हो जाएगी तो गौवंश के लिए चराई की व्यवस्था करना कठिन होगा।

मंत्री ने कानून के सभी प्रावधानों का उपयोग करते हुए चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और चारागाह विकास समितियों का पुनर्गठन करने के निर्देश दिए।

बैठक में मंत्री ने कनिष्ठ लिपिक भर्ती-2013 प्रकरण की भी समीक्षा की।

उन्होंने पांच जिलों में जांच पूरी हो चुके मामलों में अयोग्य अभ्यर्थियों की सेवाएं समाप्त करने और शेष मामलों को आगे की जांच के लिए विशेष कार्यबल (एसओजी) को भेजने के निर्देश दिए।

दिलावर ने कहा कि ग्राम पंचायतें गांवों की सरकार हैं और उन्हें अधिक सक्षम, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों से पंचायत स्तर पर सुशासन को और मजबूत करने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।

भाषा पृथ्वी जितेंद्र

जितेंद्र


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