राजस्थान: फर्जी एफएमजी सर्टिफिकेट मामले में तीन चिकित्सक गिरफ्तार

राजस्थान: फर्जी एफएमजी सर्टिफिकेट मामले में तीन चिकित्सक गिरफ्तार

राजस्थान: फर्जी एफएमजी सर्टिफिकेट मामले में तीन चिकित्सक गिरफ्तार
Modified Date: June 7, 2026 / 09:10 pm IST
Published Date: June 7, 2026 9:10 pm IST

जयपुर, सात जून (भाषा) राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) ने विदेश से एमबीबीएस की पढ़ाई कर भारत लौटे चिकित्सकों को कथित तौर पर फर्जी एफएमजी (फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट) स्क्रीनिंग परीक्षा प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन चिकित्सकों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार, जांच में सामने आया कि एफएमजी परीक्षा में सफल नहीं हो पाने वाले कई अभ्यर्थियों ने लाखों रुपये खर्च कर कूटरचित प्रमाण पत्र तैयार करवाए और उनके आधार पर राजस्थान मेडिकल काउंसिल (आरएमसी) में पंजीयन कराकर विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप भी की।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि चौमूं निवासी दीपक यादव (28), डीग निवासी राजू गुर्जर (28) और अलवर जिले के कठूमर निवासी नरेश गुर्जर (30) को गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने बताया कि दीपक यादव ने कजाखस्तान से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद कई बार एफएमजी परीक्षा दी लेकिन सफल नहीं हो सका।

अधिकारी ने बताया कि यादव ने कजाखस्तान में उसके साथ पढ़ने वाले विजय सैनी के माध्यम से मुख्य आरोपी भानाराम माली के नेटवर्क से जुड़कर 24 लाख रुपये में कथित तौर पर फर्जी प्रमाण पत्र बनवाया और उसके आधार पर दौसा में राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इंटर्नशिप की।

बंसल ने बताया कि इसी प्रकार राजू गुर्जर ने 27 लाख रुपये देकर कूटरचित प्रमाण पत्र कथित तौर पर हासिल किया और हनुमानगढ़ स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इंटर्नशिप की।

उन्होंने बताया कि वहीं नरेश गुर्जर ने 23 लाख रुपये में फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर अलवर स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से इंटर्नशिप पूरी की।

अधिकारी ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया कि नरेश ने अन्य कई अभ्यर्थियों के लिए भी फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने में भूमिका निभाई।

उपमहानिरीक्षक भुवनभूषण यादव ने बताया कि इस मामले में अब तक 17 विदेशी मेडिकल स्नातकों, राजस्थान मेडिकल काउंसिल के तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ. राजेश शर्मा, उच्च श्रेणी लिपिक अखिलेश माथुर, निम्न श्रेणी लिपिक फरहान हसन, मुख्य आरोपी भानाराम माली और एक दलाल को गिरफ्तार किया जा चुका है।

यादव ने कहा, ‘‘जांच में सामने आया कि भानाराम माली प्रत्येक अभ्यर्थी से 25 से 30 लाख रुपये लेकर फर्जी एफएमजी प्रमाण पत्र कथित तौर पर उपलब्ध कराता था और आरएमसी में पंजीयन की व्यवस्था भी करता था।’’

भाषा बाकोलिया जितेंद्र

जितेंद्र


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