तिरुवनंतपुरम, 19 जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केरल इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने संशोधित वक्फ कानून को लेकर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) पर लोगों में डर और गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि यह मुद्दा धर्म का नहीं बल्कि कानून के शासन का है।
चंद्रशेखर ने शनिवार को एक पोस्ट में कहा कि संसद ने ऐसा कानून पारित किया है, जिसके तहत राज्य वक्फ बोर्डों में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि यह कानून केरल सहित पूरे देश में लागू है।
उन्होंने कहा, ‘‘वक्फ का मुद्दा धर्म से जुड़ा नहीं है, बल्कि कानून के शासन से जुड़ा है। लोगों को सच्चाई बताने के बजाय माकपा और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग एक बार फिर डर फैला रहे हैं।’’
चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि दोनों दल जानबूझकर गलत सूचनाएं फैला रहे हैं और संसद द्वारा पारित कानून का सम्मान करने के बजाय राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं।
भाजपा नेता ने कहा, ‘‘ उनका उद्देश्य बिल्कुल स्पष्ट है-लोगों में भय पैदा करना, उन्हें बांटना और भाजपा को मुस्लिम विरोधी पार्टी के रूप में पेश करना।’’
चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि माकपा और कांग्रेस ही वास्तविक सांप्रदायिक दल हैं, जिन्होंने तुष्टीकरण की राजनीति को बढ़ावा दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो बिना किसी डर, पक्षपात या तुष्टीकरण के सभी मलयालियों के हित में काम करती है।’’
उनकी यह टिप्पणी 15 जुलाई को केरल उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए अंतरिम आदेश के कुछ दिन बाद आई है। अदालत ने राज्य वक्फ बोर्ड को अपनी अनुमति के बिना कोई बड़ा निर्णय लेने से रोक दिया था।
भाषा शोभना रंजन
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